लेह। जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान (एनआईएचई) लद्दाख क्षेत्रीय केंद्र की तरफ से हिमालय में जलवायु परिवर्तन प्रतिरोधक क्षमता विषय पर मंथन सत्र आयोजित किया गया।
इस आयोजन में विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और स्थानीय नेताओं ने हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में जलवायु प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया। एनआईएचई के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) सुनील नौटियाल ने हिमालय में पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। एनआईएचई के डॉ. आई.डी. भट्ट ने जैव विविधता संरक्षण, जल संसाधन प्रबंधन, सतत पर्यटन और आजीविका सुधार को जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में एकीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि ताशी ग्यालसन ने बताया कि लद्दाख क्षेत्र ''''वैश्विक तापमान वृद्धि'''' और ''''जलवायु परिवर्तन'''' जैसी समस्याओं से प्रभावित है और एलएएचडीसी लेह द्वारा जलवायु संबंधी खतरों से निपटने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों पर प्रकाश डाला।