श्रीनगर। विधानसभा चुनावों के बीच केरन गांव के लोगों ने स्पष्ट रूप से विकास को प्राथमिकता दी है। यहां सीमा पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकट स्थित 1071 मतदाताओं वाला यह गांव पर्यटकों के लिए एक प्रमुख स्थल बन चुका है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि 2021 में पर्यटकों के लिए खोले जाने के बाद से केरन में बदलाव देखने को मिला है, लेकिन स्थानीय निवासियों ने बुनियादी सुविधाओं की कमी पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्थानीय नेताओं से मांग की है कि वे सड़क संपर्क, मोबाइल नेटवर्क और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर दें।
स्थानीय नेता असगर भट ने कहा, सरकार द्वारा शुरू किया गया सीमा पर्यटन अच्छी पहल है। हालांकि, उन्होंने सड़क स्थिति में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। पूर्व सरकारी कर्मचारी मुमताज अहमद खान ने कहा, 70 वर्षों तक किसी ने हमारी ओर ध्यान नहीं दिया, लेकिन 5 अगस्त 2019 के बाद विकास में कुछ बदलाव देखने को मिले हैं।
स्थानीय निवासियों ने सरकार से शारदा मंदिर के लिए एक पर्यटन कॉरिडोर स्थापित करने की अपील की है, जो केवल 25 किलोमीटर दूर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित है। स्थानीय निवासी मुनीर अहमद भट ने कहा, हमें उम्मीद है कि इस साल काम पूरा होगा।