श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर कांट्रेक्टर कोऑर्डिनेशन कमेटी (जेकेसीसीसी) ने खजाने में फंसे लंबित भुगतानों के मुद्दे पर चिंता व्यक्त की। इसका असर न केवल ठेकेदारों पर बल्कि उनके परिवारों और मजदूरों पर भी पड़ रहा है। महीनों से खजाने में फंसे इन भुगतानों ने दैनिक मजदूरी और सामग्री आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भर लोगों के लिए बड़ी मुश्किलें पैदा कर दी हैं।
जेकेसीसीसी के अध्यक्ष गुलाम जीलानी पुर्जा ने कहा, हमारे परिवार और मजदूर वेतन की कमी से परेशान हैं। हमने अपने संचालन को बनाए रखने के लिए विभिन्न बैंकों से कर्ज लिया है, लेकिन भुगतान जारी करने में लगातार देरी ने हमें वित्तीय संकट में धकेल दिया है।जेकेसीसीसी ने उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, वित्त आयुक्त और अन्य शीर्ष अधिकारियों से इस मुद्दे को तत्काल हल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि 800 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान लंबित है।