श्रीनगर। गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने पर सूखते गले को शीतल करने के लिए ठंडा पानी के साथ ही खीरा, ककड़ी, तरबूज जैसे मौसमी फलों की डिमांड बढ़ जाती है। इसमें भी सर्वाधिक मांग तरबूज की होती है। क्योंकि भरपूर पानी होने के साथ ही इसमें शरीर के लिए फायदेमंड विटामीन सी व अन्य पोषक तत्व मौजूद रहते हैं। श्रीनगर में मौजूदा समय प्रमुख बाजार और करीब हर चौराहे पर तरबूज की बिक्री होते हुए देखी जा सकती है। गर्मी के मौसम में तरबूज लोगों को राहत पहुंचा रहा है तो वहीं कारोबारियों की जेब भी गरम हो रही है। पारिमपुर फल मंडी एसोसिएशन के मुताबिक मार्च 2025 से हर महीने यूपी, बिहार, पंजाब, मध्य प्रदेश व अन्य प्रदेशों से 50-55 ट्रक माल मंडी में आ रहा है। एसोसिएशन के सदस्य शब्बीर अहमद बताते हैं कि पिछले साल तक बमुश्किल चार-पांच करोड़ महीने का बिकने वाले तरबूज का कारोबार रमजान माह के समय से दस करोड़ रुपये महीने तक पहुंच गया है। शब्बीर शाह बताते हैं कि इस बार पड़ रही भीषण गर्मी में श्रीनगर का शायद ही कोई ऐसा बाजार और चौराहा होगा जहां तरबूज न बिक रहा हो। उन्होंने बताया कि पिछले तीन-चार साल से इसकी बढ़ती मांग को देखते हुए अब स्थानीय स्तर पर भी किसानों ने इसकी पैदावार शुरू कर दी है। डिमांड का करीब 30 प्रतिशत माल स्थानीय स्तर पर ही तैयार हो जा रहा है। कभी घाटे का सौदा समझे जाने वाला तरबूज किसानों और व्यापारियों की आय का प्रमुख जरिया बनता जा रहा है।
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