श्रीनगर। पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष एवं हंदवाड़ा के विधायक सज्जाद गनी लोन ने आरक्षण के वैज्ञानिक और सांख्यिकीय विश्लेषण की मांग की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा नीतिगत ढांचा कश्मीरी भाषी जातीय समूह को असंगत नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि मैंने कुछ आंकड़ा प्राप्त करने के लिए आरटीआई के तहत आवेदन किया है। यह आरक्षण के कारण कश्मीरी भाषी जातीय समूह को हुए नुकसान का मूल्यांकन करने के लिए एक सांख्यिकीय रूप से वैज्ञानिक आधार प्रदान करेगा। विश्लेषण की अपनी पद्धति के बारे में बताते हुए लोन ने कहा कि हमें भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में वास्तविक योग्यता के बारे में पिछली दस भर्ती परीक्षाओं के आंकड़ों की जरूरत है।