जम्मू। जम्मू-कश्मीर में जनादेश मिलने के बाद अब मुख्यमंत्री को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो रहा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक दल की बैठक वीरवार को श्रीनगर में पार्टी प्रमुख डॉ. फारूख अब्दुल्ला के आवास पर होगी। इसमें पार्टी के सभी जीते 42 प्रत्याशियों के साथ कुछ निर्दलीय भी शामिल हो रहे हैं।
बैठक में नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को विधायक दल का नेता चुने जाने पर सहमति बनना लगभग तय है। जम्मू से भी संभागीय अध्यक्ष के साथ पार्टी के सभी जीते विधायक बुधवार को श्रीनगर के लिए रवाना हो गए। नेकां को 42 सीटें मिलने के बाद ही डाॅ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला होंगे। हालांकि उमर ने इस पर कहा था कि मैं डॉ. फारूक अब्दुल्ला का खुद पर भरोसा जताने के लिए धन्यवाद करता हूं, लेकिन इसका फैसला पहले पार्टी विधायकों और फिर गठबंधन सदस्यों के साथ होने वाली बैठक के बाद लिया जाएगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वीरवार को होने वाली विधायक दल की बैठक में उमर अब्दुल्ला के नाम पर सहमति संभव है। इसके बाद गठबंधन के सहयोगियों के साथ बैठक होगी और फिर अगले सप्ताह तक उप राज्यपाल के समक्ष सरकार बनने का दावा पेश किया जाएगा। अगले सप्ताह तक सरकार की रूपरेखा साफ हो जाएगी। नेकां के संभागीय अध्यक्ष रत्न गुप्ता बुधवार को श्रीनगर रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि विधायक दल की बैठक के बाद आगामी रणनीति पर मंथन किया जाएगा।
जम्मू और कश्मीर संभाग के बीच
मतभेदों को करेंगे कम : फारूक
- नेकां प्रमुख ने कहा, जो उनका फैसला है, वही बनेगा मुख्यमंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि नेकां-कांग्रेस सरकार का प्रयास जम्मू व कश्मीर संभाग के बीच मतभेदों को कम करना होगा। साथ ही हिंदुओं के बीच यह विश्वास पैदा करना होगा कि गठबंधन के अलग-अलग मापदंड नहीं होंगे। मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर फारूक ने कहा, उन्होंने जो पहले कहा था, वैसा ही होगा। उनका इशारा हाल ही में दिए गए उनके बयान को लेकर था कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर ही बनेंगे।
डॉ. फारूक ने गुपकार स्थित अपने आवास पर प्रेसवार्ता में कहा, हमारा प्रयास होना चाहिए कि जम्मू संभाग के हिंदुओं को हम पर यह भरोसा हो कि उनके बारे में उसी तरह सोचेंगे जैसे कश्मीर के बारे में सोचते हैं। हम दोनों के बीच भेदभाव नहीं करेंगे। तो क्या हुआ, जम्मू के लोगों ने हमें वोट नहीं दिया। उनकी समस्याओं को हल करना हमारा कर्तव्य है।
नेकां प्रमुख ने कहा कि नई सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं और अल्लाह उन्हें लोगों के भरोसे पर खरा उतरने में मदद करें। सबसे बड़ी चुनौती महंगाई और बेरोजगारी है। हमें युवाओं के लिए अवसर पैदा करने होंगे। नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि नवनिर्वाचित विधायक और गठबंधन मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर फैसला करेंगे। इस पर डॉ. फारूक ने कहा, मैंने जो फैसला किया है, वही होगा। नेकां प्रमुख ने मंगलवार को कहा था कि उमर अब्दुल्ला नई सरकार के मुख्यमंत्री होंगे।