श्रीनगर। कश्मीर घाटी में तीन चरणों में हुए मतदान में कोई भी बड़ी हिंसक घटना नहीं हुई। यह चुनावी प्रक्रिया पिछले चुनावों की तुलना में शांतिपूर्वक माहौल में संपन्न हुई। इस दौरान न कोई आतंकवादी घटना हुई और न ही कोई अलगाववादियों की बहिष्कार की कॉल आई। इस बार की चुनावी प्रक्रिया में मत प्रतिशत भी अच्छा देखने को मिला।
वरिष्ठ पत्रकार इनायत अहमद ने कहा, शांतिपूर्वक तरीके से चुनाव संपन्न होने का मुख्य कारण यह है कि जो हिंसा करते थे उनकी संख्या कम हो गई है। जो अवाम है, आम नागरिक हैं वो कभी हिंसा नहीं करते थे। उन्होंने कहा कि जहां तक चुनाव के दौरान मतदान सवाल है तो कुछ इलाकों में घटा और कुछ में बढ़ा है। इनायत ने कहा, उड़ी, लंगेट और हंदवाड़ा में मतदान कम हुआ है। सोनवारी जहां पिछली बार करीब 80 फीसदी मतदान हुआ था, इस बार 65 प्रतिशत के आसपास हुआ। यह एक चिंता का विषय है कि मतदान 2014 की तुलना में कम हुआ है। यहां एक उम्मीद की किरण जगी है कि सोपोर जहां पिछली बार 31 प्रतिशत मतदान हुआ था, इस बार करीब 42 प्रतिशत हुआ है। बारामुला में भी करीब 8-9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पट्टन में भी मतदान में 58 से 61 प्रतिशत का इज़ाफ़ा देखने को मिला है। लोगों को उम्मीद है कि शायद वोट देने से बदलाव आ जाए।