श्रीनगर/गांदरबल। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के दूसरे और तीसरे चरण से पहले डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने राजनीतिक दलों के नेताओं को अपना प्रतिस्पर्धी बताया। कहा कि वह उन्हें दुश्मन नहीं मानते।
गांदरबल में रोड शो के दौरान आजाद ने कहा, राजनीतिक दल मेरे दुश्मन नहीं, प्रतिस्पर्धी हैं। क्लास की तरह हम सभी अच्छे दोस्त हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धा है। इसलिए मैं हर राजनीतिक दल और नेता को अपना प्रतिस्पर्धी मानता हूं।
डीपीएपी अध्यक्ष ने झूठे वादों और एजेंडों के साथ लोगों को गुमराह करने के लिए क्षेत्रीय दलों की आलोचना की। आज़ाद ने कहा कि इन दलों ने लोगों के सामने आने वाले मुद्दों का कोई वास्तविक समाधान पेश किए बिना बार-बार जनता की भावनाओं का शोषण किया है। उन्होंने कहा कि जब अन्य दलों के सांसदों ने यहां तक कि कांग्रेस ने भी अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण के दौरान चुप रहने का विकल्प चुना तो वह एकमात्र सांसद और एलओपी थे जो दृढ़ता से विरोध में खड़े थे। उन्होंने कहा, मैंने संसद में अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण के खिलाफ लड़ाई लड़ी और यहां तक कि अपनी असहमति व्यक्त करने के लिए धरने पर भी बैठा।
उन्होंने सरकार के भूमि बेदखली के आदेशों को रोकने में अपनी भूमिका पर प्रकाश डाला। कहा कि वह हस्तक्षेप करने वाले एकमात्र व्यक्ति थे जबकि अन्य चुप रहे। उन्होंने कहा, हम गांदरबल के विकास के लिए और अधिक काम करेंगे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण रोजगार के मुद्दों को भी संबोधित किया। जोर देकर कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियों ने स्थानीय निवासियों को हाशिए पर डाल दिया है।
उन्होंने बताया कि बाहरी ठेकेदार रेत उद्योग पर हावी हैं, जिससे स्थानीय लोग नौकरी और आर्थिक अवसरों से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है, जिसका परिणाम हमारे लोगों के लिए रोजगार और अवसर की भारी कमी है।”