जम्मू। केंद्र की भाजपा सरकार और एलजी प्रशासन की तरफ से स्थिति को ठीक से न संभाल पाने के कारण आज शांतिपूर्ण जम्मू संभाग में आतंकवाद फिर से पनप गया है। डबल इंजन वाली भाजपा सरकार ने लोगों की समस्याओं को बढ़ाने और निराशा फैलाने के अलावा कुछ नहीं किया। उनका कोई भी काम प्रशंसा के योग्य नहीं है। कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस की गठबंधन सरकार अगर जम्मू-कश्मीर में अगली सरकार बनाती है तो वह जम्मू क्षेत्र से आतंकवाद से मुक्त कराना सुनिश्चित करेगी।
ये बातें नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने किश्तवाड़ जिले के पाडर-नागसेनी सीट से गठबंधन उम्मीदवार पूजा ठाकुर के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि वे अफवाह फैला रहे हैं कि अगर एनसी और कांग्रेस गठबंधन सत्ता में आया तो आतंकवाद वापस आ जाएगा। मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं, चाहे वह गृह मंत्री (अमित शाह) हों या रक्षा मंत्री (राजनाथ सिंह)। उनके कार्यकाल के दौरान जम्मू क्षेत्र को आतंकवाद से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया था। पिछले पांच वर्षों में चिनाब घाटी, पीर पंजाल, उधमपुर, रियासी, जम्मू, कठुआ और सांबा जिलों में आतंकवाद फिर से पनप गया है। एक भी जिला नहीं है जहां हमारे बहादुर सैनिकों को निशाना न बनाया जा रहा हो। गृह मंत्री अमित शाह के हाल के बयान कि अगर जम्मू-कश्मीर में एनसी-कांग्रेस गठबंधन सत्ता में आता है तो आतंकवाद वापस आ जाएगा। इस पर उमर ने कहा कि हमें उनके गलत कामों का खामियाजा भुगतना होगा, जिसके कारण शांतिपूर्ण क्षेत्रों में आतंकवाद फिर से पनप गया है।
जिला विकास परिषद की अध्यक्ष पूजा ठाकुर के लिए वोट मांगते हुए नेकां नेता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने विधानसभा चुनावों के लिए 10 साल तक इंतजार किया। अब समय आ गया है कि भाजपा को बाहर का रास्ता दिखाया जाए जो केंद्र शासित प्रदेश में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सत्ता में है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी धर्म के आधार पर वोट मांगने में विश्वास नहीं करती है। समाज के सभी वर्ग बढ़ती बेरोजगारी, बढ़े हुए बिजली बिल, महंगाई और स्वास्थ्य, शिक्षा, पानी और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों की कमी से पीड़ित हैं।