जम्मू। नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) अगर सत्ता में आती है तो वह जम्मू-कश्मीर से अफस्पा हटाने को प्राथमिकता देगी, ताकि कश्मीरी युवाओं के साथ हो रहे उत्पीड़न को समाप्त किया जा सके। यह बात नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने पार्टी के कार्यक्रम में कही।
उन्होंने कहा कि 2012 में जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री रहते हुए विवादास्पद सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (अफस्पा) को हटाने की वकालत की थी। इस प्रस्ताव पर सेना की ओर से कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था। कहा कि नेशनल कांफ्रेंस अपने घोषणापत्र में किए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने, बेरोजगारों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हर परिवार की आवश्यक संसाधनों तक पहुंच हो। पार्टी का घोषणापत्र वास्तव में जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं को दर्शाता है। यही कारण है कि भाजपा ने इसे खारिज कर दिया है।