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Jammu News: नए मेडिकल कॉलेजों के लिए रोडमैप बनेगा, बनेगी विशेषज्ञ समिति

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श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने शनिवार को प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा (एचएंडएमई) विभाग के साथ बैठक की। उन्होंने नए मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपलों को एमडी, एमएस पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए प्रयास करने करने के निर्देश दिए। साथ ही विकास के लिए रोडमैप बनाने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने को कहा।
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बैठक में सचिव एचएंडएमई के अलावा एसकेआईएमएस के निदेशक, जीएमसी श्रीनगर व जम्मू के प्रिंसिपल, स्वास्थ्य निदेशक जम्मू व कश्मीर और नए मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल शामिल हुए।
मुख्य सचिव ने कहा कि नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना का उद्देश्य परिधीय क्षेत्रों में लोगों के लिए तृतीयक स्वास्थ्य सेवा को करीब लाना है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में डीएम/एमसीएच/डीएनबी की शुरूआत उनकी सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने का मानक है। डुल्लू ने कॉलेजों के प्रिंसिपलों से आग्रह किया कि वे सभी प्रकार की विशिष्टताओं में इन पाठ्यक्रमों को शुरू करने का प्रयास करें जहां इसे अभी तक शुरू नहीं किया गया है। उन्होंने उन्हें पहले से उपलब्ध पाठ्यक्रमों में आनुपातिक रूप से सीटें बढ़ाने की सलाह दी।
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मुख्य सचिव ने नए मेडिकल कॉलेजों को एमडी/एमएस पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए प्रयास करने का निर्देश दिया। उन्होंने इन कॉलेजों को अपने-अपने जिलों में चिकित्सा शिक्षा का केंद्र बनाने के लिए उपलब्ध बुनियादी ढांचे और मानव संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करने को कहा। डुल्लू ने विभाग को यहां सभी नए मेडिकल कॉलेजों में तृतीयक देखभाल सेवाओं का आकलन करने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन सभी कॉलेजों के लिए सेवाओं को उन्नत करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए जिसमें सुझाए गए प्रत्येक उन्नयन के लिए विशिष्ट समयसीमा हो।
उन्होंने टिप्पणी की कि ऐसी सिफारिशें संबंधित कॉलेज प्रशासन के परामर्श से की जानी चाहिए जो समयबद्ध तरीके से आवश्यक कदम उठाने के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होंगे। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सचिव डॉ. सैयद आबिद राशिद शाह ने नए मेडिकल कॉलेजों के एसोसिएटेड अस्पतालों में उपलब्ध पाठ्यक्रमों और तृतीयक देखभाल सेवाओं, नैदानिक सुविधाओं की विस्तृत रूपरेखा दी। उन्होंने बैठक में इन कॉलेजों में प्रत्येक विभाग द्वारा निपटाए जाने वाले उच्च-स्तरीय प्रक्रियाओं/मामलों के अनुपात से भी अवगत कराया। उन्होंने इन कॉलेजों में नई सेवाओं को अपग्रेड करने या शुरू करने के लिए भविष्य के कार्यक्रमों की भी रूपरेखा तैयार की। इन कॉलेजों के प्रिंसिपलों ने पिछले महीनों के दौरान किए गए कार्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने अपने पास उपलब्ध फैकल्टी, बुनियादी ढांचे, मशीनरी और उपकरणों की स्थिति और जेकेएमएससीएल के माध्यम से हासिल की जाने वाली पाइपलाइन के बारे में जानकारी दी। बैठक में इन मेडिकल कॉलेजों में सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के साथ-साथ डेंटल कॉलेजों और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों में स्थित यूनानी/आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों के बारे में भी विस्तृत चर्चा हुई।
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