अनंतनाग। दक्षिण कश्मीर में छह आतंकवादियों का मारा जाना हिजबुल मुजाहिद्दीन के लिए एक बड़ा झटका है। यह बात सेक्टर आरआर के कमांडर ब्रिगेडियर पृथ्वीराज चौहान ने कुलगाम के मोदेरगाम और फ्रिसल चिन्निगम इलाके में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में छह आतंकवादियों के मारे जाने के बाद कही।
चौहान ने बताया कि हम सभी एजेंसियों और सेना के निगरानी उपकरणों की मदद से कई दिनों से इस क्षेत्र में गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। 6 जुलाई को हमें चिन्निगम इलाके में आतंकी गतिविधियों की जानकारी मिली। शाम करीब 4 बजे हमारे एक सिपाही ने हलचल देखी। जब हमने उन्हें चुनौती दी तो आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों ने भी इसका पूरा जवाब दिया। इस दौरान हमारा एक जवान बलिदान हो गया। ऑपरेशन समाप्त होने के बाद हमने लगभग 6 किलो की एक आईईडी को ढूंढा और तुरंत नष्ट कर दिया।
कुलगाम में हुई मुठभेड़ों पर दक्षिण कश्मीर के डेप्युटी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस जावेद अहमद मट्टू ने कहा कि 6 से 7 जुलाई तक चलाए गए दो संयुक्त अभियानों में कुल दो आतंकवादी मारे गए। इसमें आदिल भी शामिल है, जिसके खिलाफ विभिन्न पुलिस स्टेशनों में कई एफआईआर दर्ज थीं। दूसरी मुठभेड़ विशिष्ट सूचना के आधार पर चिन्निगम इलाके में हुई, जिसमें चार आतंकवादी मारे गए। इनमें श्रेणी ए का आतंकवादी यावर बशीर डार भी शामिल था। अन्य की पहचान तौहीद अहमद, शकील अहमद वानी और जहीर अहमद डार के रूप में हुई। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किया गया। दोनों स्थानों पर ऐसे ठिकाने थे जिनका उपयोग आतंकवादी काफी समय से कर रहे थे। मट्टू ने कहा, सेना ने रविवार को कुलगाम जिले में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में बलिदान होने वाले दो सैनिकों लांस नायक प्रदीप कुमार और सिपाही प्रवीण जंजाल प्रभाकर को श्रद्धांजलि दी।