श्रीनगर। कश्मीर की अर्थव्यवस्था एक महत्वपूर्ण हिस्सा सेब उद्योग है। इससे हजारों लोगों का रोजगार चलता है। अफगानिस्तान के माध्यम से आयात किए जा रहे शुल्क मुक्त सेब के कारण कश्मीर के सेब बागवान और व्यापारियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे कश्मीर के सेब की कीमतों में भारी गिरावट है, जिससे अब व्यापक संकट पैदा हो गया है। फल उत्पादकों ने अफगानिस्तान से आयात हो रहे सेब पर शुल्क लगाने की मांग की है।
शोपियां में फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ ने कहा कि बागवान वर्तमान में इस गंभीर चुनौती का सामना कर रहे हैं। अफगानिस्तान सीमा से आयात सेब पर शुल्क नहीं लगने के कारण कश्मीर का बागवान भारी नुकसान से जूझ रहा हैं। बाजार में विदेशी सेब के कारण कश्मीरी सेब की कीमत में गिरावट आई है। 160 रुपये प्रति किलो बिकने वाला सेब अब 60 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। अशरफ ने कहा कि अफगानिस्तान ही एकमात्र ऐसा देश नहीं है जो इस शुल्क मुक्त आयात मार्ग का लाभ उठा रहा है। कई देश अपने सेब को भारत लाने के लिए इसी सीमा का उपयोग कर रहे हैं। इससे कश्मीरी सेब उत्पादकों के लिए संकट और बढ़ गया है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि स्थानीय सेब उद्योग और कश्मीर की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए अफगानिस्तान के माध्यम से आयात हो रहे सेब पर शुल्क लगाया जाए।