अनंतनाग। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को जेल में बंद सांसद शेख अब्दुल रशीद (इंजी रशीद) की अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) पर भाजपा की प्रतिनिधि होने का आरोप लगाया। उनकी यह टिप्पणी शोपियां से पीडीपी उम्मीदवार यावर शफी बांडे के बालपोरा इलाके में एआईपी के कार्यकर्ताओं के कथित हमले में घायल होने के एक दिन बाद आई है।
अनंतनाग जिले के खानबल इलाके में महबूबा ने दावा किया, हमारे उम्मीदवार अपने निर्वाचन क्षेत्र जा रहे थे। एआईपी से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया। यहां तक कि हमारे उम्मीदवार यावर बांडे को भी पीटा गया और वह अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनकी पसलियां टूट गई हैं, उनकी हालत गंभीर है। बता दें, इंजी. रशीद ने इस साल की शुरुआत में बारामुला लोकसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को हराया था।
पीडीपी प्रमुख ने सवाल किया कि जब एआईपी के प्रमुख रशीद सलाखों के पीछे हैं, तो वे संसाधनों और उम्मीदवारों का प्रबंध कैसे कर रहे हैं। पीडीपी संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद को पार्टी बनाने में 50 साल लग गए, हमारे पास अभी भी हर जगह उम्मीदवार उतारने के लिए संसाधन नहीं हैं। इंजी. रशीद के संगठन के पीछे कौन है, क्योंकि उनके उम्मीदवार हर जगह खड़े हैं, फंडिंग कहां से आ रही है। उन्हें गुंडागर्दी करने की इतनी हिम्मत कहां से मिल रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार एआईपी जैसी नई प्रॉक्सी पार्टियां लेकर आई है। उन्होंने कहा, मैं सरकार से पूछना चाहती हूं कि जब आपकी सभी प्रॉक्सी पार्टियां विफल हो गई हैं, तो आप इंजीनियर रशीद की पार्टी को फिर से सामने ला रहे हैं और उन्हें पूरा पैसा और हर तरह से समर्थन दे रहे हैं। हमें साफ-साफ बता दें कि अन्य पार्टियों को चुनाव लड़ने की जरूरत नहीं है।
पीडीपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को हर जगह निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया, अगर पीडीपी कार्यकर्ताओं ने ऐसा किया होता तो पूरी पीडीपी जेल में होती। एआईपी कार्यकर्ताओं को हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला करने की हिम्मत कैसे हुई। उन पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। वे अब तक जेल में क्यों नहीं हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों को चेतावनी दी कि वे प्रॉक्सी पार्टियों के बहकावे में न आएं। उनके पीछे एक बहुत बड़ी ताकत है जो कश्मीर में वोटों को बांटना चाहती है। पीडीपी खास तौर पर उनके निशाने पर है। वे जानते हैं कि पीडीपी ही एकमात्र पार्टी है जो कश्मीर के लोगों के लिए खड़ी है।
उन्होंने कहा, स्वतंत्र उम्मीदवारों और एआईपी की आड़ में ये सभी पार्टियां निश्चित रूप से कहीं से धन प्राप्त कर रही हैं। उन्हें ऐसे संसाधन कहां से मिल रहे हैं। लोगों को इस बारे में सोचना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब संसदीय चुनावों में अन्य ''प्रॉक्सी'' पार्टियां विफल हो गईं तो सरकार नई प्रॉक्सी पार्टियों के साथ आई। महबूबा ने कहा, उन्होंने पीडीपी को तोड़ दिया और कई प्रॉक्सी पार्टियां बनाईं, लेकिन जब संसदीय चुनावों में उनकी अन्य प्रॉक्सी पार्टियां विफल हो गईं तो वे अब इंजीनियर रशीद की पार्टी लेकर आए हैं। इसलिए मैं कश्मीर के लोगों को चेतावनी देती हूं कि पीडीपी, एनसी और कांग्रेस के अलावा अन्य सभी पार्टियां रशीद की पार्टी सहित किसी शक्ति द्वारा समर्थित हैं। वे जम्मू-कश्मीर के हित को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
कांग्रेस-नेकां के बीच गठबंधन सिद्धांतों पर आधारित नहीं
जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष विकार रसूल वानी की कथित टिप्पणी...नेकां ने लोगों का खून चूसा है पर उन्होंने कहा कि नेकां और कांग्रेस के बीच गठबंधन सिद्धांतों पर आधारित नहीं है।
अगर ऐसा होता तो 1987 के चुनावों में धांधली करके सरकार बनाने के लिए वे जम्मू-कश्मीर को खून की नदी में नहीं बहाते। उन्होंने कहा, वे सरकार बनाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं, उनके पास कोई सिद्धांत नहीं है। नेकां ने हर जगह कांग्रेस के खिलाफ स्वतंत्र उम्मीदवार खड़े किए हैं।