सांबा। संघर्ष विराम के बावजूद जिले के सीमावर्ती गावों के ग्रामीण अभी भी पाकिस्तान पर भरोसा नही कर रहे हैं। अपने परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेज रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से भी ग्रामीणों को विस्थापित शिविरों में ही रहने के लिए कहा जा रहा है। ग्रामीण अपनी मर्जी से ही सुबह घरों को चले जाते हैं व शाम ढलने से पहले शिविरों में पहुंच जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग की बीएमओ डॉ. ऋचा के अनुसार विस्थापितों के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 24 घंटे स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्त किया गया है। एक एंबुलेंस भी तैनात की गई है। राजपुरा के तहसीलदार करन जीत सिंह के अनुसार विस्थापितों को लाने के लिए आधा दर्जन यात्री मिनी बसों को भी तैयार रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें गांवों से निकाला जा सके। संवाद