विजयपुर। नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं ने मां के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा-अर्चना की। मां चंद्रघंटा की पूजा कर श्रद्धालुओं ने शांति और समृद्धि की कामना की। पंडित अश्वनी शर्मा बताते हैं कि असुरों से संग्राम में मां के इस स्वरूप ने घंटे की नाद से ही अनेकानेक असुरों का वध कर दिया था। मां चंद्रघंटा शांति और कल्याण की प्रतीक हैं।