अरनिया। कस्बे के बसंत चौक में करंट लगने से घोड़े की मौत का मामला सामने आया है। इसमें मालिक की जान बाल-बाल बची। लोगों के रोष जताने पर बिजली विभाग के एईई ने 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया और मौके पर ही 20 हजार रुपये दिए।
जानकारी के अनुसार विजय कुमार पुत्र वरयाम चंद निवासी तरेबा घोड़ा गाड़ी लेकर बसंत चौक में पहुंचा था। वहां पर गाड़ी को पीछे करने लगा, तो घोड़े का मुंह खंभे से टकरा गया। खंभे में करंट होने से घोड़े की मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान विजय कुमार को भी बिजली का झटका लगा, लेकिन उसकी जान बच गई। घोड़े की मौत के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई।
पंचायत तरेबा की पूर्व सरपंच बलबीर कौर भी मौके पर पहुंची। उन्होंने देखा कि बिजली विभाग की लापरवाही के चलते यह हादसा पेश आया है। बलबीर कौर ने बिजली विभाग के एईई राजीव कौल को हादसे के बारे में बताया और मौके पर पहुंचने के लिए कहा। जैसे ही बिजली विभाग के एईई मौके पर पहुंचे तो लोगों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बलवीर कौर ने बिजली विभाग के एईई को घोड़े के मालिक को मुआवजा देने के लिए कहा। इस पर बिजली विभाग के एईई ने विजय कुमार को घोड़े की मौत का मुआवजा 50000 रुपये देने का ऐलान किया। बिजली विभाग की तरफ से मौके पर 20000 रुपये विजय कुमार को दे दिए गए। बची राशि 30000 रुपये शुक्रवार 12 बजे देने के लिए कहा है।
घोड़े के मालिक विजय कुमार ने कहा कि पूर्व सरपंच बलवीर कौर ने मुआवजा दिलवाकर उन्हें राहत दिलाई। वहीं दूसरी ओर कस्बे के लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ रोष प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि बसंत चौक में दिनभर हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। यह कस्बे का सबसे व्यस्त चौक है। कस्बे के बच्चे अक्सर इस चौक में आकर खेलते हैं। बुजुर्ग समय बिताने के लिए यहां पर बैठते हैं। जिस तरह से खंभे के करंट से घोड़े की जान गई है। ऐसे हादसे में किसी इंसान की भी जान जा सकती थी। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग को लोहे के खभों की जगह सीमेंट के पोल लगाने चाहिएं।