अरनिया। तरेबा गांव में बीते रविवार नाले में युवक के डूबने की घटना के तीसरे दिन भी लोगों ने धरना प्रदर्शन जारी रखा। ग्रामीण तरेबा और शेरे चक के बीच बहते नाले पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से पुल बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार और प्रशासन समस्या को तवज्जो नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि समय रहते अगर पुल का निर्माण कार्य कर दिया जाता तो लखविंदर कुमार की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने कहा कि तरेबा गांव के लोग नाला पार करके खेतों में पहुंचते हैं, जिस पर अस्थाई पुल बनाया गया है, परंतु जलस्तर बढ़ जाने से पुल डूब जाता है। इसके चलते खतरा उठाकर नाला पार करना पड़ता है। बीते रविवार को लखविंदर कुमार नाले में डूब गया था। दूसरे दिन उसका शव बरामद किया गया।
पंचायत तरेबा की पूर्व सरपंच बलबीर कौर ने बताया कि 2019 से वह निरंतर पुल के निर्माण कार्य को लेकर आला अधिकारियों को अवगत करवा रही हैं। उन्होंने कहा कि डीसी जम्मू अवनी लवासा द्वारा संज्ञान लेने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग से पुल की जिम्मेदारी लेकर नाबार्ड को दी गई थी। जिसमें डीपीआर बनाकर तैयार कर ली गई है। उन्होंने कहा कि इस साल में किसी समय भी पुल के निर्माण कार्य की सूची निकाल दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले से ही पुल के निर्माण कार्य को लेकर कार्यवाही चल रही है। सारी औपचारिकताएं होने के बाद पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इस मुद्दे पर खंड विकास अधिकारी अरनिया डॉक्टर बिप्लव ने कहा कि उन्होंने बुधवार को क्षेत्र का दौरा किया था। इसमें लोगों को अस्थायी पुल में सुधार करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि बरसात निकलने के बाद नाले पर बनाए गए अस्थायी पुल के निर्माण कार्य को मुकम्मल कर दिया जाएगा।