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Jammu News: अस्थायी पुल फिर क्षतिग्रस्त, 15 हजार लोगों की आवाजाही प्रभावित

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अरनिया। अरनिया और शेरे चक गांव के बीच नाले पर बना लोहे का अस्थायी पुल पिछले 20 दिन में दूसरी बार क्षतिग्रस्त हो गया है। इस कारण 20 गांव के 15 हजार लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। अरनिया कस्बे में पहुंचने के लिए लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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इससे जहां लोग पहले 5 से 10 मिनट में अरनिया पहुंच जाते थेे, वहीं अब 25 से 30 मिनट का समय अतिरिक्त लग रहा है। अरनिया से ज्यादातर लोग खेतीबाड़ी के लिए पुल से होकर खेतों तक पहुंचते हैं। वहीं 20 गांवों के लोग व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेतीबाड़ी और रिश्तेदारी के चलते इस पुल का इस्तेमाल करते हैं। बारिश के कारण नाले का जलस्तर बढ़ने से लोहे का अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त हो गया।

गौरतलब है कि जलस्तर कम होने के बाद भी पीडब्ल्यूडी अस्थायी पुल का निर्माण ही करवाता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस पुल के निर्माण कार्य की मांग की जा रही है। मगर समस्या की तरफ सरकार ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि नाले पर बड़ा पुल बनाने की दरकार है। इसके चलते लोगों को यातायात की सुविधा मिलेगी। मगर अभी तक पुल के निर्माण कार्य को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग ने किसी भी तरह की गंभीरता नहीं दिखाई है।
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कोट
खेतीबाड़ी के लिए इस पुल से गुजर कर शेरे चक गांव पहुंचते हैं। पुल क्षतिग्रस्त होने पर उन्हें लंबा सफर तय करके खेतों में जाना पड़ता है। इससे समय के साथ उनका आर्थिक बोझ बढ़ जाता है।
-किसान बलराज सिंह

पुल क्षतिग्रस्त होने पर लोगों के सहयोग से खुद पुल का निर्माण कार्य करवाया जाता है। सरकार की तरफ से इसमें किसी प्रकार की भागीदारी नहीं रहती है। साल में 7 से 8 बार पुलिस क्षतिग्रस्त हो जाता है।
-सोनू पंडित

पुल क्षतिग्रस्त होने से लोग दूसरे शहरों का रुख कर लेते हैं। इससे अरनिया के व्यापार पर असर पड़ता है। बड़ा पुल बनने से लोगों को अरनिया में व्यापारिक गतिविधियों में सहूलियत मिलेगी।
-अभिषेक गुप्ता, व्यापारी

स्वास्थ्य से संबंधित सुविधाओं के लिए 5 मिनट में अरनिया पुल से पहुंच जाते थे, लेकिन अब पुल क्षतिग्रस्त होने से आधे घंटे से ज्यादा समय लग रहा है। आपातकाल में स्वास्थ्य सुविधा में देरी होने से मरीज की जान तक जा सकती है।
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-बलवीर सिंह, स्थानीय निवासी

कोट
नाले पर पुल की डीपीआर बनाकर भेज दी गई है। मंजूरी मिलने के बाद ही पुल का निर्माण कार्य होगा।
-पुरुषोत्तम कुमार, जेई, पीडब्ल्यूडी विभाग
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