जम्मू। जिले में वीरवार रात बारिश के साथ आए तूफान के कारण धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। अभी तक 40 फीसदी नुकसान का अनुमान है। नुकसान के आंकलन के लिए कृषि विभाग की टीमें सर्वे करेंगी और रिपोर्ट सौपेंगी।
जानकारी के अनुसार तूफान इतना तेज था कि धान की फसल खेतों में बिछ गई। किसानों ने जैसे ही सुबह फसल को देखा तो चिंता में पड़ गए। कठुआ, सांबा, जम्मू सहित अन्य इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग के अनुसार नुकसान की सूचना है। फसल ढहने से पैदावार में गिरावट आ सकती है। किसानों की पूरी सहायता की जाएगी। उधर, सब्जियों की फसल को भी नुकसान हुआ है।
फसल के नुकसान पर मिले मुआवजा
किसान काउंसिल के अध्यक्ष तजिंदर सिंह वजीर ने नरिंदर मोदी से हॉलस्ट्रॉम और बेमौसम बारिश के कारण बर्बाद हुई फसल के लिए उचित मुआवजे की अपील की। उन्होंने राज्य में कृषि संबंधी विकास के बारे में गंभीर चिंता व्यक्त की। वजीर ने कहा कि फसलों को विशेष रूप से धान को लगभग 50 फीसदी नुकसान हुआ है। जम्मू में किसानों की छह महीने की मेहनत पर पानी फिर गया है। केसर मिशन की तरह बासमती मिशन मॉड्यूल के तहत इसे कवर करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि किसानों को गुणवत्ता वाले बीज, पौध संरक्षण रसायन, ट्रैक्टर चलाने वाली मशीनें और मिनी चावल मिलें उपलब्ध करवाई जाएं।
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कोट
नुकसान का आंकलन किया जाएगा। तूफान से फसल ढही है। सर्वे करवाया जाएगा और टीमों से रिपोर्ट ली जाएगी।
- आरएस रीन, निदेशक, कृषि विभाग