जम्मू। सार्वजनिक रोजगार प्राप्त करने और उसमें बने रहने के लिए जाली दस्तावेज दाखिल करने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। ऐसा देखा गया है कि कुछ मामलों में कुछ अभ्यर्थियों ने संबंधित जारीकर्ता प्राधिकारियों से प्रमाण-पत्रों की वास्तविकता के बारे में फर्जी सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी प्रयास किया है। जो चिंता का विषय है, जिसे प्राधिकारियों ने गंभीरता से लिया है।
लिहाजा सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, उपायुक्तों, सार्वजनिक क्षेत्र के निगमों के प्रबंध निदेशकों को निर्देश दिए गए कि वे ऐसे उम्मीदवारों के खिलाफ कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत तत्काल आपराधिक कार्यवाही शुरू करें। साथ ही उनके नियुक्ति आदेशों को शुरू से ही रद्द कर दिया जाए, जिसकी सूचना सामान्य प्रशासन विभाग और संबंधित भर्ती एजेंसी को दी जाए। सरकार ने इसके लिए दो शर्तें तय की हैं। नियुक्त व्यक्तियों को इस आशय का वचन देना होगा कि यदि सत्यापन के बाद संबंधित जारीकर्ता प्राधिकारी द्वारा जारी उनकी योग्यता, जन्मतिथि, आरक्षित श्रेणी के प्रमाण पत्र फर्जी जाते हैं, तो उनकी नियुक्ति प्रारम्भ से ही रद्द मानी जाएगी तथा उनका वेतन नहीं दिया जाएगा जब तक कि संबंधित जारीकर्ता प्राधिकारियों से योग्यता प्रमाण पत्र की वास्तविकता के संबंध में संतोषजनक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो जाती।