श्रीनगर। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने शनिवार को देश में एकता पर नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी की आलोचना की। कहा कि यह फिल्मी नाटक है और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री चुनाव के समय मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं। अब्दुल्ला ने कहा था कि भारत विविधता में एकता के लिए जाना जाता है और सरकारों को हर धर्म की रक्षा करनी चाहिए। यह टिप्पणी असम विधानसभा द्वारा शुक्रवार को मुस्लिम विधायकों को दी जाने वाली दो घंटे की ''''नमाज'''' छुट्टी को खत्म करने के एक दिन बाद आई है। हालांकि चुघ जो जम्मू-कश्मीर के प्रभारी हैं ने कहा कि अब्दुल्ला की एकता की बात राजनीतिक नाटक के अलावा कुछ नहीं है।
उन्होंने कहा, जब चुनाव हो रहे हैं तो वह (अब्दुल्ला) ये आवाजें उठा रहे हैं। वह घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि जब कश्मीरी पंडितों को कश्मीर से जाने के लिए मजबूर किया गया था तब आप मुख्यमंत्री थे, यह आपका कर्तव्य था कि सदियों से एक साथ रह रहे भाइयों के बीच लड़ाई को रोका जाए। यह कुछ और नहीं बल्कि एक फिल्मी ड्रामा है।
चुनाव प्रचार के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की जम्मू-कश्मीर यात्रा पर चुघ ने कहा कि राजनीतिक पर्यटन केवल इसलिए हो रहा है क्योंकि केंद्र शासित प्रदेश में शांति है। उन्होंने कहा, वह (गांधी) 50 साल तक जम्मू-कश्मीर नहीं आए, लेकिन अब दोनों भाई और बहन यहां स्नोबॉल खेल रहे हैं। यह केवल मोदी सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई शांति के कारण है। राहुल जी, ये वही लाल चौक है जहां आपने पत्थरबाज़ पैदा किये थे। आज मोदी ने उन युवाओं के हाथ में कंप्यूटर थमा दिया है। वे अपने भविष्य के साथ-साथ देश का भविष्य भी बना रहे हैं। भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी बिना किसी गठबंधन के अपनी पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी।