मालिका अधिकार देने के फैसले पर जताया आभार
जम्मू। पीओके 1947, 1965 और 1971 के विस्थापितों और पश्चिमी पाकिस्तान के विस्थापितों को जमीन का मालिकाना अधिकार देने का सरकार का फैसला सराहनीय है। यह बात अखिल भारतीय जाट महासभा के अध्यक्ष और जम्मू के पूर्व मेयर चौधरी मनमोहन सिंह ने बैठक में कही।
उन्होंने कहा कि यह सब जाट महासभा के स्थायी संघर्ष के कारण हुआ है। उन्होंने 2014 के बाद से सभा द्वारा की गई कई पहलों पर जानकारी दी। इसमें मुख्य सचिव से लेकर अन्य अधिकारियों से उच्च स्तरीय बैठकों के बारे भी बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पहले भूमि अधिकारों से वंचित होने से विस्थापितों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। उनकी ज़मीन केंद्र सरकार की परियोजनाओं के अंतर्गत आती थी तो मुआवजा वास्तविक भूमि मालिकों के बजाय कस्टोडियन विभाग को हस्तांतरित कर दिया जाता था। मुद्दों का समाधान समुदाय के लिए बहुत खुशी और उपलब्धि है। इस मौके पर डीएसपी डिमन सिंह, कैप्टन आरएल गंजुड, मास्टर भजन सिंह, अवतार कृष्ण चौधरी, प्रेम पाल, सुनील सोनू, एसडी बलजीत सिंह, एमडीएम कुलदीप कौर, सतपाल, सुनील कुमार और अन्य मौजूद रहे।