जम्मू। नेशनल असेस्मेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल (नैक) ने कॉलेज और विश्वविद्यालयों को मान्यता देने के लिए निरीक्षण की व्यवस्था को खत्म कर सिर्फ दस्तावेजों के आधार पर एक्रीडिटेशन या नॉन एक्रीडिटेशन का दर्जा देने का फैसला लिया हैं। इसको लेकर नैक ने विस्तृत गाइडलाइन भी जारी की है। जम्मू विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालय व कॉलेजों में इस व्यवस्था के तहत ही मान्यता मिलेगी।
निरीक्षण की बजाय दस्तावेजों के आधार पर मिलने वाली मान्यता में दस्तावेजों की भूमिका अहम हो गई है। जिसके दस्तावेज अधूरे हैं या कोई विशेष उपलब्धि नहीं है, उस संस्थान को नैक की मान्यता नहीं मिलेगी। नैक ने मापदंड पहले से ही कही ज्यादा कठिन किए हैं। हालांकि ये व्यवस्था एक जनवरी 2025 से लागू होगी। पहले सिस्टम में कुल सात मापदंड और उसके 56 बिंदु थे। अब दस मापदंड किए हैं। इसमें करिकुलम, फैकल्टी रिसोर्सेस, इन्फ्रास्ट्रक्चर, लर्निंग एंड टीचिंग, स्टूडेंट आउटकम, रिसर्च एंड इनोवेशन आउटकम, गवर्नेंस एंड एडमिनिस्ट्रेशन, ग्रीनरी, एक्सटेंडेड करिकुलर इंडोर्समेंट और फाइनेंशियल रिसोर्स मैनेजमेंट शामिल हैं, जिसके अंक निर्धारित किए गए हैं।