जम्मू। नशा तस्करों की दो अलग-अलग याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। पुंछ सुरनकोट के नवीद अहमद और डोडा के सज्जाद अहमद ने पीएसए के आदेश को चुनौती दी थी।
दोनों की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के न्यायाधीश एमए चौधरी ने कहा कि नशीली दवाओं की समस्या सार्वजनिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और मानवता की भलाई के लिए एक गंभीर खतरा है। यहां तक कि वैश्विक समुदाय भी नशीली दवाओं के दुरुपयोग और नार्को-आतंकवाद के गंभीर परिणामों का सामना कर रहा है जो सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता और सतत विकास को कमजोर करता है। यह समाज के स्वास्थ्य और ताने-बाने को भी विकृत करता है। इसे छोटे अपराधों के साथ-साथ हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे जघन्य अपराधों का प्रवर्तक माना जाता है। मादक पदार्थों की तस्करी में विभिन्न आतंकवादी समूहों और सिंडिकेट की संलिप्तता से नार्को-आतंकवाद के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा और राज्यों की संप्रभुता को खतरा होता है। इन दलीलों के साथ पीएसए हटाने संबंधित याचिकाओं को खारिज कर दिया।