जम्मू। कोलकाता में डॉक्टर से दुष्कर्म व हत्या के विरोध में जम्मू के जीएमसी और संबद्ध अस्पतालों में रेजीडेंट डाक्टरों की हड़ताल जारी है। इन अस्पतालों में बुधवार को सुबह 9 से 11 बजे तक दो घंटे की ओपीडी में सलाहकार डाक्टरों ने कमान संभाली। लेकिन, पूरी तरह से मरीजों को अभी नहीं देखा जा रहा है। उधर, सामान्य सर्जरी के ठप रहने से मरीजों का दर्द कम नहीं हुआ है।
इस बीच डाक्टरों ने जीएमसी से रैली निकाल विरोध जताया। डाक्टरों की नियमित हड़ताल से अस्पतालों में ओपीडी और सामान्य सर्जरी सेवाएं प्रभावित हैं। सलाहकार डाक्टरों को ओपीडी में तैनात किया गया है, मगर सैकड़ों डाक्टरों के हड़ताल पर रहने से पूरे समय में ओपीडी चलाना संभव नहीं हो पा रहा है। डाक्टरों के साथ पैरा मेडिकल स्टाफ भी विरोध में शामिल है।
सामान्य सर्जरी स्थगित होने से मरीजों को अधिक परेशानी हो रही है, क्योंकि एक सर्जरी के लिए मरीज को महीनों इंतजार करके तिथि लेनी पड़ती है। पांच दिन में सैकड़ों सामान्य सर्जरी स्थगित हो चुकी हैं। इससे बड़ी संख्या में मरीज सर्जरी के लिए निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। इससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। मरीजों की यह भी शिकायत है कि अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं की उचित वैकल्पिक सुविधाएं न होने से उनकी परेशानी बढ़ी है।
वहीं, जीएमसी के प्रिंसिपल डा. आशुतोष गुप्ता का दावा है कि बुधवार को एसोसिएटेड अस्पतालों में एक हजार से अधिक मरीजों को देखा गया है। उन्होंने कहा कि देश व्यापी स्तर पर हड़ताल चल रही है। हम कोशिश कर रहे हैं कि अधिक से अधिक मरीजों को चिकित्सा सेवाएं मुहैया करवाई जाएं। अस्पतालों में सभी तरह की आपात चिकित्सा सेवाएं बहाल हैं।