जम्मू। पुलिस को बेहतर बनाने में तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल हो। यह बात डीजीपी दिलबाग सिंह ने कही। पुलिसिंग के महत्व और प्रभाव पर सोमवार को चर्चा करने के लिए पुलिस मुख्यालय में डीजीपी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक हुई।
डीजीपी ने कहा कि हालांकि विभाग में कई नवीनतम तकनीकों और गैजेट्स का उन्नयन पहले ही हो चुका है, फिर भी सर्वेक्षण और भविष्य की तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। लोगों की सुरक्षा के लिए कृत्रिम इंटेलीजेंस, ड्रोन, सीसीटीवी, रोबोटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपयोग करने की जरूरत है। हमें उन जनशक्ति और प्रौद्योगिकी की पहचान करने की आवश्यकता है जिनका उपयोग पुलिस कर्मियों की क्षमता बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। दुनिया भर के सभी पुलिस बल कुशल पुलिसिंग, बचाव और अन्य अभियानों के मामले में मानवीय हस्तक्षेप को कम करने के लिए कई आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जो आधुनिक उपकरण प्रणाली में पारदर्शिता लाते हैं और विभिन्न मोर्चों पर पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार करते हैं।
डीजीपी ने उन क्षेत्रों की पहचान करने का निर्देश दिया, जहां अधिक से अधिक प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा सकता है और इन क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी को शुरू करने के लिए कार्य योजना तैयार करने को भी कहा। इससे पहले सीआईडी, सिक्योरिटी, क्राइम, टेलिकॉम और ट्रेनिंग विंग में इस्तेमाल होने वाले तकनीकी उपकरणों के बारे में जानकारी दी। बैठक में पुलिस मुख्यालय से संबंधित अधिकारियों में एडीजीपी एमके सिन्हा, एडीजीपी आरआर स्वैन, एडीजीपी दानेश राना, आईजी भीमसेन टूटी, आईजी विक्रमजीत सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।