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शहीद पुलिस जवान मद्दसिर और रोहित के नाम स्मरणोत्सव दिवस

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जम्मू। पूरे प्रदेश में 21 अक्तूबर को स्मरणोत्सव दिवस मनाया जाएगा। इस दिन पुलिस अपने शहीद जवानों के बलिदान को याद करेगी। रेलवे स्टेशन जम्मू स्थित पुलिस शहीदी स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। प्रवक्ता के अनुसार पुलिस विभाग ने कश्मीर में शहीद होने वाले दो जवानों सिपाही मुद्दसिर और रोहित चिब की शहादत के नाम इस साल का स्मरणोत्सव दिवस समर्पित किया है। दोनों जवान बारामुला और कुलगाम में मुठभेड़ के दौरान आतंकियों का बहादुरी से सामना करते हुए शहीद हुए थे।
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बारामुला जिले के उड़ी क्षेत्र के रहने वाले सेवानिवृत्त जेकेपी सब-इंस्पेक्टर मकसूद अहमद शेख के बेटे शहीद मुद्दसिर अहमद शेख का जन्म 1990 में हुआ था। उन्हें वर्ष 2016 में जम्मू और कश्मीर पुलिस में एसपीओ के रूप में नियुक्त किया गया था। बाद में उनकी असाधारण सेवाओं के लिए उन्हें पुलिस कांस्टेबल के रूप में तैनाती दी गई थी। 25 मई 2022 को बारामुला में आतंकवादियों की आवाजाही के संबंध में सामान्य जानकारी पर कार्रवाई करते हुए करेरी क्षेत्र में श्रकवाड़ा-निजीभट्ट क्रॉसिंग सहित कई स्थानों पर नाके स्थापित किए गए। मुद्धसिर पुलिस और भारतीय सेना के 52 आरआर के अंडरकवर ऑपरेटिव की टीम का हिस्सा थे। नाका पार्टी ने आतंकवादियों के एक समूह को देखा जो सिल्वर रंग की सेंट्रो कार में अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने जा रहे थे। सेना द्वारा रोकने पर आतंकवादियों ने नाका पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई। इस भीषण मुठभेड़ में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 3 विदेशी आतंकवादियों को मार गिराया गया। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किया गया। मुठभेड़ में मुद्दसिर अहमद शेख गोली लगने से घायल हो गए और बाद में शहीद हो गया। शहीद मुद्धसिर के घर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी अपने कश्मीर दौरे पर गए थे। परिवार में उनके पिता श्री मकसूद शेख, माता शमीमा बेगम, दो बहनें और तीन भाई हैं। वह सभी भाई-बहनों में सबसे बड़े थे।
जगती नगरोटा जम्मू के निवासी सिलेक्शन ग्रेड सिपाही रोहित कुमार चिब का जन्म 28 अगस्त 1989 को हुआ था। वह 30 जून 2011 को सिपाही के रूप में पुलिस में शामिल हुए थे। वह कुलगाम जिले में तैनात थे। उन्होंने कई अभियानों में भाग लिया, जिसमें कई आतंकवादियों का सफाया किया गया। उनके समर्पण के लिए विभाग ने उन्हें 2017 में आउट ऑफ टर्न प्रमोशन प्रदान किया। 12 जनवरी 2022 को आठ बजे कुलगाम पुलिस को ग्राम सेपोरा परिवन में आतंकवादियों की मौजूदगी के संबंध में विशेष सूचना मिली। इस पर जिला पुलिस कुलगाम, 34 आरआर और सीआरपीएफ 18 बटालियन ने उक्त गांव को घेर लिया और घर-घर जाकर तलाशी शुरू की। इस दौरान घर के अंदर छिपे आतंकवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग की और भागने की कोशिश की। सेना ने प्रभावी ढंग से जवाबी कार्रवाई की। इसमें बहादुरी से लड़ते हुए चिब शहीद हो गए।
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