कश्मीर में कोविड मृत्युदर में समय के साथ गिरावट आई है, लेकिन इसके साथ कोविड वैरिएंट के नए स्वरूप भी सामने आए हैं और यह तेजी से फैले हैं। इस अवधि में कश्मीर में 274307 कोविड के मामले मिले और 2334 मौतें हुई हैं। इनमें बुजुर्गों और पुरुषों में मृत्युदर अधिक रही। एशियन जनरल ऑफ मेेडिकिल साइंसेस (एजेएमएस) में प्रकाशित ‘कश्मीर में महामारी के दौरान मृत्युदर’ नामक एक शोध पत्र में यह बात सामने आई है।
यह शोध प्रभारी संभागीय कोविड नियंत्रण कक्ष कश्मीर (डीसीसीआरके) ताहिर अहमद मार्गे, डॉ. उमर नजीर, डॉ. रौफ हुसैन राथर, डॉ. फिरोज अहमद वानी के अध्ययन पर आधारित है। अध्ययन में पाया गया कि कश्मीर में कोविड के नए स्वरूप मिलने के बावजूद घातक दर में समय के साथ गिरावट आई। देश की तुलना में कश्मीर में कोविड लहर में तेजी करीब 12 से 14 दिन बाद आई।
कोविड की दूसरी लहर के दौरान मामलों का प्रतिशत अधिक (कुल मामलों का 47 प्रतिशत) था जिसमें डेल्टा स्वरूप अधिक खतरनाक रहा। शोधकर्ताओं के मुताबिक पहली लहर में अधिकतम 1.67 प्रतिशत, दूसरी में 0.79 प्रतिशत और तीसरी लहर में सिर्फ 0.13 प्रतिशत मृत्युदर रहा। शोध में पाया गया कि मृत्यु दर 60 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में अधिक (1493) देखी गई। इसके बाद 41 से 60 वर्ष में (715) 30.6 प्रतिशत, 21 से 40 वर्ष में 4.8 प्रतिशत (113) और 0 से 20 आयु वर्ग में केवल 0.6 प्रतिशत (13) मृत्यु दर रही।