जम्मू/राजोरी। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त, नशा मुक्त व रोजगार युक्त जम्मू-कश्मीर बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। समतामूलक समाज की स्थापना कर सभी को न्याय दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है। वे जम्मू व राजोरी में गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद तीन साल में कई क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। इसके तहत भूमि सुधार कानून उल्लेखनीय है। पहली बार भूमि पासबुक नागरिकों को तीन भाषाओं में दिए जा रहे हैं। यदि जमीन के कागजात सही होते तो महाभारत काल नहीं होता। चार कनाल से कम भूमि वालों को हाई डेंसिटी प्लांट लगाने की अनुमति नहीं थी, जिसे अब खत्म कर दिया गया है। इससे किसानों को लाभ मिल रहा है। पूरे जम्मू संभाग को बिजली की आपूर्ति करने वाले ग्लेडनी फीडर का ट्रांसफार्मर 15 साल से खराब था जिसे बदल दिया गया है। अब लोगों को 24 घंटे सुचारु बिजली देने की कोशिश हो रही है। राजोरी में उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय के लोगों के विकास के लिए अधिकतम प्रयास किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर में अनेक मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं, लेकिन यदि 370 नहीं हटता तो यहां मेडिकल कॉलेज संभव नहीं था। 14 वर्ष तक यहां जनजातीय अधिनियम नहीं लागू किया गया। इसे अब यहां लागू कर दिया गया है और इतना काम हुआ है जितना पिछले 50 सालों में नहीं हुआ।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उनके एक साथी ने कहा कि रोडवेज की बसों से राज्य शब्द हटा दिया गया है तो उन्होंने बताया कि राज्य शब्द तो हट गया है, लेकिन आजादी के बाद पहली बार गुज्जर-बक्करवालों की मवेशियों को रोडवेज की ट्रकों से मैदानी इलाकों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि गरीब तबके के विकास के लिए अधिकतम संसाधन का उपयोग किया जा रहा है। अमृतकाल खंड में समता व समरसता के रास्ते पर चलते हुए आदर्श समाज की स्थापना की दिशा में प्रयास किया जा रहा है जिसमें सभी को समान अधिकार व न्याय मिल सके।