जम्मू। कश्मीर के 5 और हस्तशिल्प उत्पादों की जीआई टैगिंग जल्द होगी। इसके लिए हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग ने आईपी इंडिया के अधिकारियों के साथ पेटेंट, डिजाइन, ट्रेडमार्क पर चर्चा की। इन पांच उत्पादों में कश्मीर नमदा, वाग्गुव, शिकारा, गब्बा और कश्मीर विलो बैट शामिल हैं। इनके पंजीकरण के लिए डोजियर पहले ही दिया गया है। हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग कश्मीर के निदेशक ने कहा कि पांच नए उत्पादों को जीआई टैगिंग के लिए काम काफी तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि घाटी के कॉपरवेयर, विलो विकर और चेन स्टिच के लिए तीन और डोजियर जमा किए गए हैं। वर्तमान में कश्मीर से कानी शॉल, पश्मीना, सोजनी, पेपर-माची, अखरोट की लकड़ी की नक्काशी, खटामबंद और हाथ से बने कालीन को पहले ही जीआई प्रमाणित किया जा चुका है।