जम्मू। जम्मू-कश्मीर में कृषि क्षेत्र में डेटा, डिजिटल तकनीक व ड्रोन (थ्री डी) से किसानों की आमदनी और फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने टास्क फोर्स का गठन किया है। डिजिटल कृषि मिशन के तहत गठित की गई टास्क फोर्स कृषि क्षेत्र में थ्री डी के प्रयोग के अलावा अन्य डिजिटल माध्यमों के प्रयोग को बढ़ाने के मामले पर अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
कृषि उत्पादन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू के अनुसार जल्द ही जम्मू-कश्मीर डिजिटल कृषि मिशन पर अमलीजामा पहनाया जाएगा। इसी संदर्भ में टास्क फोर्स का गठन किया गया है। टास्क फोर्स में कृषि उत्पादन विभाग के सचिव को अध्यक्ष व विशेष सचिव को संयोजक बनाया गया है। जम्मू व कश्मीर संभाग के कृषि निदेशकों को सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उनके अनुसार डिजिटल कृषि मिशन में डेटा मापन, मौसम निगरानी, रोबोटिक्स ड्रोन प्रौद्योगिकी आदि का प्रयोग होगा। सरकार के पास भूमि से लेकर किसानों की संख्या का डिजिटल डेटा उपलब्ध है। भूमि की गुणवत्ता का भी डेटा उपलब्ध है।
ऐसे में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी और डेटा पारिस्थितिकी तंत्र है जो सभी के लिए सुरक्षित पौष्टिक तथा किफायती भोजन प्रदान करते हुए खेती को लाभदायक एवं टिकाऊ बनाने के लिए समय पर लक्षित सूचना एवं सेवाओं के विकास का वितरण सुनिश्चित करेगी। ड्रोन से लेकर सेंसर रिमोट सेंसिंग, डीप लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तथा इंटरनेट आफ थिंग्स में हुए विकास को व्यवहार में लाकर दक्षता एवं पर्यावरणीय निरंतरता का संवर्दित उपयोग कर मृदा, पौधों एवं पर्यावरण की निगरानी के माध्यम से कृषि उत्पादकता को बढ़ाया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर में जम्मू संभाग हो या कश्मीर संभाग कई क्षेत्र पहाड़ी हैैं तो कई मैदानी। कई क्षेत्र कंडी हैं तो कई में पर्याप्त पानी है। ऐसे में डिजिटल कृषि मिशन से फसल उत्पादन और किसानों की आमदनी बढ़ेगी।