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Jammu News: तेजरफ्तार और ओवरलोड मिनी बस अनियंत्रित होकर पलटी, 31 घायल

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अखनूर। खुग्गा मोड़ के पास अनियंत्रित मिनी बस पलटने से 31 यात्री घायल हो गए। हादसा सोमवार सुबह आठ बजे हुआ। बस मैरा मांद्रियां के नोर गांव से अखनूर आ रही थी। बताया जा रहा है कि बस तेज रफ्तार होने के साथ ओवरलोड भी थी। बस में 22 यात्रियों के बैठने की क्षमता थी, लेकिन 35 बैठा रखे थे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों, पुलिस और सेना के जवानों ने घायलों को अखनूर उपजिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी मोहम्मद सलीम के अनुसार 31 यात्री घायल अवस्था में अखनूर अस्पताल पहुंचे। इनमें से गंभीर रूप से घायल 13 को जम्मू मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मिनी बस में कई स्कूली छात्र भी बैठे थे।
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घायलों ने बताया कि क्षेत्र में सुबह के समय स्कूल या दफ्तर जाने ले लिए एक ही मिनी बस है। क्षेत्र में बस की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। सवारियां अधिक होती हैं जो मिनी बस में पूरी नहीं आ सकती।
घायलों में ये लोग शामिल
अखनूर अस्पताल में उपचाराधीन घायलों की पहचान राम सरूप (45), प्रिया बसंत (24), माला (38), नरेश कुमार (40), कंचन (25), दीपिका (24), सुशील खनोत्रा (16), आराधना शर्मा (16), मानसी शर्मा (16), मुक्ति शर्मा (21), अरुण कुमार (24), इशा बसंत (20), सुमित कुमार (26), अनिल कुमार (25), चुन्नी लाल (60), अशोक (45), जमील अहमद (19), ओम प्रकाश (53) के रूप में हुई। जिन घायलों को जीएमसी जम्मू रेफर किया गया, उनमें रूपांशी शर्मा (16), नेक राम (45), कुंज लाल (50), लीला देवी (45), हेम राज (60), मीनाक्षी, वीकी शर्मा (39), मेला राम (44), उपलक्ष्य शर्मा (17), वसु शर्मा (15), बृज लाल (60), कंचन (25), सुनील शर्मा (23) शामिल थे।
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अस्पताल में एक्सरे मशीन नहीं चली, निजी लैब से करवाना पड़ा

सड़क हादसे के बाद घायलों को अखनूर उपजिला अस्पताल पहुंचाने पर कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को रेफर करने के लिए एंबुलेंस एक घंटे बाद अस्पताल पहुंची, वहीं अस्पताल की एक्सरे मशीन न चलने के कारण भी घायलों को दिक्कत आई।
घायल बृज लाल व अनिल के परिजनों ने बताया कि अस्पताल की एक्सरे मशीन काम नहीं कर रही है। सुबह लगभग 8:20 पर उन्हें स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया था। इसके बाद एक घंटे तक उन्हें एक्सरे सुविधा उपलब्ध नहीं हुई। मजबूरन उन्हें निजी लैब का रुख करना पड़ा। कुछ मरीजों ने यह भी आरोप लगाए कि सुबह जब हादसा हुआ तो अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं था। इस कारण कई घायलों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा।




बीते तीन महीनों में 28 लोगों ने गंवाई जान

15 मई को जीडी गोएनका स्कूल के पास अनियंत्रित बस पलटने से 10 लोग जख्मी हुए थे।

30 मई को टूंगी मोड़ में श्रद्धालुओं से भरी बस खाई में गिरने से 23 लोगों की मौत और 69 घायल हुए थे।

दो जून को कलिठ में मिनी बस पलटने से दो लोगों यात्रियों की मौत हो गई थी।

दो जून को ही नड क्षेत्र में स्कूटी व बस की टक्कर में स्कूटी सवार की मौत हो गई थी।

22 जून को बोमाल में दो बसों को भिड़त में एक चालक की मृत्यु हुई थी, 14 घायल हुए थे।

3 जुलाई को टूंगी मोड़ में स्विफ्ट कार के खाई में गिरने से 1 महिला की मौत और दो घायल हुए थे।

ओवरलोड और ओवरस्पीड गाड़ियों पर नहीं हो रही कार्रवाई
बीते तीन महीनों में अखनूर क्षेत्र में अलग-अलग सड़क हादसों में लगभग 28 लोगों की मौत और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके बावजूद यातायात पुलिस गहरी निद्रा से नहीं जगी है। ओवरलोड व ओवरस्पीड गाड़ियों पर सख्ती से कार्रवाई नहीं हो रही। यही नहीं सुबह विभिन्न स्कूलों के वाहनों में भी छात्रों को ठूंस ठूंस कर भरा जाता है। टूंगी मोड़ में श्रद्धालुओं की बस खाई में गिरने के बाद 6 कर्मियों और यातायात विभाग के डीएसपी को निलंबित किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी ट्रैफिक नियमों की उल्लंघना करने वालों पर क्षेत्र में कोई खास कार्रवाई नजर नहीं आती। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश रूट पर मिनी बसों व बसों की ओवरलोडिंग व ओवर स्पीड ही बार-बार सड़क हादसों की वजह बन रही है। वहीं, अखनूर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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