कश्मीर घाटी में आतंकवाद से संबंधित विभिन्न घटनाओं में इस साल के पहले सात माह में 10 पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं। आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच अलग-अलग मुठभेड़ों में 3 पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं, जबकि एक पुलिसकर्मी ग्रेनेड हमले में शहीद हुआ। इसके अलावा 6 पुलिस कर्मियों ने आतंकी हमलों में जान गंवाई। कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं।
इस वर्ष 12 जनवरी को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षाबलों ने एक पाकिस्तानी आतंकी बाबर भाई को मार गिराया गया था। इस ऑपरेशन में एक पुलिसकर्मी रोहित चिब शहीद हुआ था। 29 जनवरी को कुलगाम में तैनात एक पुलिसकर्मी अली मोहम्मद गनई की उनके पैतृक गांव हसनपोरा बिजबिहाड़ा में आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसी दिन एएसडीए कॉलोनी बटमालू श्रीनगर में एक आतंकी द्वारा पुलिसकर्मी मुनीर मेहराज पर गोलियों से हमला किया जिसमें वो बाल-बाल बच गए।
पहली फरवरी को दक्षिण कश्मीर के शोपियां के अमशीपोरा गांव में एक पुलिस के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) शब्बीर अहमद वागे को गोली मारकर घायल कर दिया गया था, जबकि 11 फरवरी को उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के निशात पार्क में आतंकियों द्वारा किए गए ग्रेनेड हमले में पापछान निवासी पुलिसकर्मी जुबैर अहमद की मौत हो गई थी। उक्त हमले में एक बीएसएफ अधिकारी और 3 अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए थे। 28 फरवरी को श्रीनगर के धोबी मोहल्ला बटमालू इलाके में आतंकियों की गोलीबारी में एक पुलिस अधिकारी शेख फिरदौस घायल हुए।
22 मार्च को कुपवाड़ा के सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल आमिर हुसैन लोन श्रीनगर के सोवरा इलाके में एक संक्षिप्त मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए। वहीं 26 मार्च को मध्य कश्मीर के बडगाम के चाडबुग गांव में आतंकियों ने घर में घुसकर एसपीओ अशफाक अहमद डार की हत्या कर दी थी। उक्त हमले में एसपीओ का भाई उमर जान भी मारा गया था।
7 मई को श्रीनगर के ज़ूनीमर में डॉक्टर अली जान रोड पर दानवर ईदगाह श्रीनगर के पास एक पुलिसकर्मी गुलाम हसन डार की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। 24 मई को आतंकियों ने श्रीनगर के बाहरी इलाके के अंचार सोवरा में एक पुलिसकर्मी सैफुल्ला कादरी की गोली मारकर हत्या कर दी और अगले दिन 25 मई को पाकिस्तान के तीन आतंकवादी हनीफ भाई, अली भाई और शाह वाली को क्रीरी बारामुला में एक मुठभेड़ में मार गिराया गया। जबकि इस मुठभेड़ में उड़ी का एक पुलिसकर्मी मुदासिर शेख शहीद हो गया।
एसआई फारूक का गोलियों से छलनी शव मिला था
18 जून को सब इंस्पेक्टर फारूक अहमद मीर का गोलियों से छलनी शव मिला था। आतंकियों ने सांबूरा पंपोर में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं 3 जुलाई को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के हुगम श्रीगुफवारा में हुए हमले में सिपाही फिरदौस अहमद को आतंकियों ने गोली मार दी थी। 12 जुलाई को आतंकियों ने श्रीनगर के लाल बाजार इलाके में एक पुलिस दल पर हमला किया जिसमें कुलगाम के सोच गांव के रहने वाले सहायक उप निरीक्षक मुश्ताक अहमद की मौत हो गई और दो अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए।
किस माह कितने जवान शहीद
- जनवरी 02
- फरवरी 01
- मार्च 02
- मई 03
- जून 01
- जुलाई 01