घाटी में अब तक मिले 2078 मामले, 83 मवेशियों की मौत
विभाग की ओर टीकाकरण के साथ ही लगाए जा रहे जांच शिविर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू/श्रीनगर। लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) लगातार दूसरे वर्ष भी मवेशियों को प्रभावित कर रही है, जिससे जहां कश्मीर किसान चिंतित हैं वहीं जम्मू में भी पशुपालन विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया गया है। घाटी में अब 2078 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 83 में मवेशियों की मौत हो गई है। लंपी को देखते हुए विभाग की ओर से मवेशियों का टीकाकरण करने के साथ ही जांच शिविर लगाए जा रहे हैं।
पशुपालन विभाग के अनुसार इस साल लंपी के घाटी में 2078 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 83 में मवेशियों की मौत हुई है। पुलवामा और बडगाम जिला बुरी तरह प्रभावित है। हालांकि, उत्तरी कश्मीर के बारामुला और कुपवाड़ा से कोई मामला सामने नहीं आया है। अधिकारी ने यह भी कहा कि टीकाकरण प्रक्रिया जारी है और अब तक घाटी के विभिन्न हिस्सों में मवेशियों को 878977 टीके लगाए गए हैं। अतिरिक्त टीके हर जगह उपलब्ध हैं और टीकाकरण प्रक्रिया जारी है।
2022 में कश्मीर में लंपी के करीब 18 हजार मामले सामने आए थे, जिनमें से 1300 मवेशियों की मौत हुई थी। किसानों ने कहा कि हालांकि एलएसडी से मृत्यु दर अधिक नहीं है, लेकिन इस बीमारी से संक्रमित जानवर ठीक होने के बाद भी पर्याप्त दूध नहीं दे पाते हैं। उन्होंने कहा कि हजारों परिवारों की आजीविका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पशुपालन पर निर्भर है। किसान मोहम्मद अयूब ने कहा कि उनके पास दो गायें हैं और दोनों इस बीमारी से संक्रमित हैं। उन्होंने कहा हालांकि वे ठीक हो गए हैं, लेकिन उनका दूध उत्पादन कम हो गया है। अयूब ने कहा कि कम मृत्यु दर के बावजूद, संक्रमण गायों को कमजोर कर देता है, जिससे वे दूध देने में असमर्थ हो जाती हैं, जिससे किसानों की आय प्रभावित होती है। एक अन्य किसान अब्दुल हामिद ने कहा कि उनकी गाय, जिस पर वह अपनी आजीविका के लिए निर्भर थे, एलएसडी से मर गई।
कश्मीर संभाग में लंपी के बढ़ते मामलों को देखते हुए जम्मू भेड़ एवं पशुपालन विभाग अलर्ट हो गया है। जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में शिविर लगाकर मवेशियों की जांच करवा रहे हैं। विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन है। हालांकि, अभी तक जम्मू संभाग से लंपी से संबंधित मामला सामने नहीं आया है।
- डॉ. जाहिद सलीम, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जम्मू