परिवहन विभाग यात्री और मालवाहक वाहनों का परमिट शुल्क बढ़ाने की तैयारी में है, जिसे लेकर अधिसूचना का ड्राफ्ट जारी किया है। इसमें 20 से 50 फीसदी तक परमिट शुल्क में बढ़ाने की बात सामने आई है। स्टेट कैरिज की बस का परमिट अब दस हजार, ऑल इंडिया ओमनी बस का एक लाख और लग्जरी एसी बस का दो लाख रुपये तक मिलेगा।
परिवहन विभाग एसओ 582 के तहत जम्मू-कश्मीर मोटर वाहन अधिनियम 1991 में संशोधन कर रहा है, जिसके तहत नई दरें तय की जाएंगी। परिवहन विभाग ने इसके लिए डेढ़ माह में आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं।
2016 से प्रदेश में स्टेट और कंट्रेक्ट कैरिज के परमिट बंद थे, जिनके लिए आवेदन परिवहन आयुक्त कार्यालय में करना पड़ता था। अब लोग परमिट के लिए अपने जिले में एआरटीओ कार्यालय में कर सकेंगे। परिवहन विभाग ने इसको लेकर एक अधिसूचना जारी की है। इसमें स्टेट कैरिज बस का दस हजार, मीडियम बस का सात हजार, शहरी मार्ग की मिनी बस का पांच हजार और ग्रामीण मार्ग की मिनी बस का तीन हजार रुपये परमिट शुल्क रखने की बात कही गई है।
वहीं, कांट्रेक्ट कैरिज में 12 यात्रियों से अधिक की क्षमता वाली ओमनी बस का परमिट शुल्क एक लाख रुपये तक मिलेगा। ऑल इंडिया टूरिस्ट टैक्सी, मैक्सी कैब का परमिट शुल्क 1.5 लाख, टैैक्सी और मैक्सी कैब का परिमिट 1.5 लाख रुपये तक में मिलेगा।
माल ढुलाई वाले वाहनों के परमिट की ये होंगी दरें
12 यात्री से अधिक क्षमता वाली ओमनी बस का परमिट अब दो लाख रुपये तक मिलेगा। शहर मार्ग के ऑटो रिक्शा का 25000 और ग्रामीण मार्ग के लिए पांच हजार रुपये तय किए गए हैं। माल ढुलाई वाहनों के लिए दस हजार रुपये और निजी सेवा वाहन के लिए पचास हजार और स्कूल बसों के लिए 10 हजार रुपये रखने की बात है। अस्थायी परमिट शुल्क में बढ़ोतरी की जाएगी। पहले एक दिन का परमिट 25 रुपये तक जो 50 रुपये होगा, जबकि जिसका परिमट शुल्क 50 रुपये था वह अब 100 रुपये तय हुआ है।
सरकार ट्रांसपोर्टरों पर वित्तीय बोझ डालने की तैयारी कर रही है, जिसका विरोध करेंगे। परमिट शुल्क में बढ़ोतरी का असर आम लोगों पर ही पड़ेगा। मजबूर यात्री किराये में वृद्धि की मांग करनी पड़ेगी।
- विजय सिंह चिब, प्रधान, जम्मू-कश्मीर मिनी बस वर्कर्स यूनियन।