सेवानिवृत्त न्यायाधीश जीडी शर्मा के नेतृत्व वाले पिछड़ा वर्ग आयोग ने जम्मू-कश्मीर सरकार को छह महीने के लिए विस्तार के लिए अनुरोध किया है। जम्मू कश्मीर के सामाजिक व शैक्षिक आरक्षण से संबंधित मुद्दों की जांच के लिए मार्च 2020 में पिछड़ा वर्ग आयोग गठित किया गया था। इसका कार्यकाल 18 सितंबर को पूरा हो रहा है। अब आयोग ने सरकार से छह माह का और विस्तार मांगा है।
सरकार के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि यदि सरकार पैनल की सिफारिशों को स्वीकार कर लेती है, तो यह आयोग का चौथा विस्तार होगा। इससे पहले तीन बार आयोग को विस्तार मिल चुका है।
आयोग ने अनुसूचित जनजातियों, अनुसूचित जातियों और सामाजिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग की सूची में नई जनजातियों को शामिल करने के लिए अपनी सिफारिशें प्रस्तुत की हैं। इसके बाद आरक्षित पिछड़ा क्षेत्र (आरबीए) आरक्षण के मुद्दे की जांच के लिए आयोग ने एक और विस्तार की मांग की है। इस आयोग की सिफारिशों के आधार पर ही केंद्र ने जम्मू और कश्मीर में आरक्षण के पुनर्गठन के लिए बीते जुलाई महीने में संसद में तीन विधेयक पेश किए हैं।
ये शामिल हैं टीम में
उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जीडी शर्मा की अध्यक्षता में आईएफएस अधिकारी रूप लाल भारती और पूर्व आईपीएस अधिकारी मुनीर अहमद खान आयोग के सदस्य हैं।