केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के बाद तीन परिवारों गांधी, अब्दुल्ला और मुफ्ती परिवार की भूमिका को उजागर करने के लिए श्वेतपत्र लाएगी। हम देखेंगे कि घाटी में आतंक कौन लाया और किसके निर्देश पर किसने आतंकियों के साथ बिरयानी का आनंद लिया।
शाह ने नौशेरा में चुनावी रैली में यह भी कहा, जम्मू-कश्मीर में किसी भी पत्थरबाज या आतंकी को रिहा नहीं किया जाएगा। यहां के युवाओं को शेर बताते हुए शाह ने कहा, नेशनल कॉन्फ्रेंस व कांग्रेस पाकिस्तान से बातचीत को आतुर हैं। मैं फारूक अब्दुल्ला व राहुल गांधी को बताना चाहता हूं कि आतंकवाद का सफाया होने तक पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं होगी। मैं शेरों से बात करूंगा, पाकिस्तान से नहीं।
उन्होंने आरक्षण पर एनसी-कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों की भी आलोचना की और कहा कि किसी को भी पहाड़ी, गुज्जर, दलित, अन्य पिछड़े वर्गों सहित वंचित वर्गों को दिए गए आरक्षण को छूने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दोनों ने आरक्षण को समाप्त करने के लिए हाथ मिलाया है। राहुल गांधी अमेरिका में कह रहे हैं कि आरक्षण की जरूरत नहीं है। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आपको योग्य समुदायों के लिए आरक्षण खत्म करने की कतई अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने गुरु नानक की पुण्य तिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देकर अपना भाषण शुरू किया। कहा कि एनसी और कांग्रेस पाकिस्तान के साथ बातचीत और नियंत्रण रेखा पर सीमा पार व्यापार फिर से शुरू करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
आतंकवाद के लिए जिम्मेदार कौन, बताएं अब्दुल्ला
गृह मंत्री ने कहा कि मैं अब्दुल्ला से पूछना चाहता हूं कि 30 साल के आतंकवाद, 40 हजार लोगों की मौत, तीन हजार से अधिक दिनों के नागरिक कर्फ्यू के लिए कौन जिम्मेदार है। जब कश्मीर जल रहा था, तब आप लंदन में छुट्टियों का आनंद ले रहे थे। सरकार बनने के बाद श्वेत पत्र लाकर तीन परिवारों - कांग्रेस, अब्दुल्ला और मुफ्ती को पूरी तरह से बेनकाब करेंगे। हम देखेंगे कि घाटी में आतंकवाद कौन लाया और किसके निर्देश पर, किसने 'बिरयानी' का आनंद लिया। लोगों से यह पूछते हुए कि क्या 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाना अच्छा था या बुरा, शाह ने कहा कि अब्दुल्ला इसकी बहाली के बारे में बात कर रहे हैं, लेकिन कोई भी इसे वापस नहीं ला सकता।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में तिरंगा शान से लहरा रहा है और वे नेकां संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के राज्य ध्वज को बहाल करना चाहते हैं। नेकां शंकराचार्य का नाम तख्त-ए-सुलेमान और हरि पर्वत का नाम कोह-ए-मारन' करना चाहती है। उन्होंने कहा कि किसी के पास इस तरह के बदलाव करने की शक्ति नहीं है और श्रीनगर की दो पहाड़ियों को अनंत काल तक उनके नाम से जाना जाएगा।
आठ अक्तूबर के बाद राहुल की मोहब्बत की दुकान हो जाएगी बंद
शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नारे 'नफरत के बाजार में, मोहब्बत की दुकान' पर तंज कसते हुए कहा कि आठ अक्तूबर को वोटों की गिनती के बाद आपकी तथाकथित 'मोहब्बत की दुकान' बंद होने जा रही है।कहा कि भाजपा जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के बाद आतंकवादियों के साथ 'बिरयानी' खाने वाले तीन परिवारों की भूमिका को उजागर करने के लिए एक श्वेत पत्र जारी करेगी। आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देने और पाकिस्तान को सबक सिखाने के अलावा शांति, समृद्धि और विकास के लिए जम्मू-कश्मीर में भाजपा सरकार जरूरी है।
तीन दिन में छह रैलियां
शुक्रवार शाम तीन दिवसीय दौरे पर मंदिरों के शहर पहुंचने के बाद पिछले दो दिनों में जम्मू क्षेत्र में गृह मंत्री की यह छठी रैली थी। उन्होंने शनिवार को पांच रैलियां - मेंढर, सुरनकोट, थन्नामंडी, राजोरी और अखनूर में रैली की।