जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार को 26 सीटों पर 57.03 फीसदी मतदान हुआ। नियंत्रण रेखा के पास के मतदाताओं ने भी बढ़ चढ़कर लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लिया। छह जिलों की इन सीटों पर वोटिंग शुरू होने से पहले ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लग गई थीं और लोगों में भारी उत्साह था। वहीं, अमेरिका समेत 15 देशों के राजनयिकों ने चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों का दौरा कर लोगों से बात की। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र व चुनावी प्रक्रिया की तारीफ भी की।
नई बनी श्रीमाता वैष्णो देवी सीट पर सबसे अधिक 75.29 फीसदी वोट बरसे। श्रीनगर में सबसे कम 27.62 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। इसके अलावा, रियासी में 74.70 फीसदी, पुंछ में 73.80, बडगाम में 62.98 फीसदी, गांदरबल में 62.51 और राजोरी में 70.95 फीसदी वोट पड़े। मतदान शांतिपूर्ण रहा। राजोरी व पुंछ में 106 बॉर्डर मतदान केंद्रों तथा फेंस के पार बने 13 केंद्रों पर जमकर वोट पड़े। इस चरण में करीब 15 हजार कश्मीरी पंडितों ने जम्मू, उधमपुर व दिल्ली में बने केंद्रों पर वोट डाले। इसके साथ ही नेकां के उमर अब्दुल्ला, कांग्रेस के तारिक हामिद कर्रा, भाजपा के रवींद्र रैना समेत 239 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया।
इतिहास बन रहा है : सीईसी
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने कहा, यह चुनाव इतिहास बना रहा है, जिसकी गूंज आने वाली पीढ़ी तक पहुंचेगी। जो घाटियां और पहाड़ कभी भय के गवाह थे, वे अब लोकतांत्रिक उत्सव में भाग ले रहे हैं।
राजोरी में दो केंद्रों पर हवाई फायरिंग, मेंढर में पत्थरबाजी
राजोरी के दरहाल क्षेत्र में चंगोलाच व डोडाज केंद्रों पर दोपहर कांग्रेस व भाजपा कार्यकर्ता भिड़ गए। स्थिति नियंत्रित करने के लिए बीएसएफ ने हवाई फायर किए। इससे करीब 15 मिनट मतदान प्रभावित हुआ। पुंछ के मेंढर में दो-तीन मतदान केंद्रों पर छिटपुट पत्थरबाजी के मामले सामने आए हैं। पत्थरबाजी में महिला पुलिस कर्मी जख्मी हो गई।