जिला 2014 के विधानसभा चुनाव में तब सुर्खियों में आया जब यहां पहली बार भाजपा का कमल खिला। केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद भाजपा को यहां जीत मिली। अब 10 साल बाद होने जा रहे विधानसभा चुनाव में परिस्थितियां बदली हैं। अनुच्छेद 370 व 35ए समाप्त हो गया है। ऐसे समय में हो रहे चुनाव में भाजपा के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह व पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद की साख दांव पर लगी है। 2014 तक जिले में डोडा व भद्रवाह, दो सीटें थीं। दोनों पर 2014 में कमल खिला। अनुच्छेद 370 हटने के बाद परिसीमन हुआ तो डोडा की भौगोलिक स्थिति के मद्देनजर अब डोडा व डोडा पश्चिम सीट का गठन किया गया है। दोनों सीटों पर जातीय समीकरण तो नहीं हैं, पर हिंदू व मुस्लिम मतों के ध्रुवीकरण पर ही जीत-हार का फैसला होने की उम्मीद है।
डोडा
डोडा पश्चिम
चिनाब किनारे शहर, लेकिन पावर प्रोजेक्ट नहीं
चिनाब वैली (चंद्रभागा क्षेत्र) डोडा में बेरोजगारी बड़ा मुद्दा है। शहर चिनाब दरिया के किनारे बसा है, लेकिन पूरे जिले में एक भी जल विद्युत परियोजना स्थापित नहीं की गई है। रोजगार के नाम पर सरकारी नौकरियों और व्यवसाय के भरोसे रहने वाली यहां की जनता को जिले में उद्योग-धंधे न होने का मलाल है। कुछ लोग खेती करते हैं पर यह भी लाभदायक नहीं है। बस किसी तरह गुजर-बसर हो पाता है। लोगों का कहना है कि तमाम विकास कार्यों का ढिंढोरा पीटा जाता है, लेकिन अब भी तस्वीर नहीं बदली है। अब भी लोग रोजी-रोजगार के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। डाक बंगला इलाके के दुकानदार रियाज अहमद ने बताया कि स्नातक तक इस आस में पढ़ाई की कि नौकरी मिल जाएगी। नौकरी खोजते-खोजते उम्र निकल गई। अब किसी तरह दुकान के भरोसे परिवार का गुजारा करना पड़ रहा है। रियाज कहते हैं, सरकार को विकास के साथ ही रोजगार की ओर भी ध्यान देना चाहिए ताकि युवाओं का अन्यत्र शहरों में पलायन न हो।
दो टनल व हाईवे निर्माणाधीन, बदलेगी तस्वीर : डोडा जिले में दो टनल निर्माणाधीन हैं। एक खिलैनी से पुल डोडा इलाके तक और दूसरी गोहा मरमत से सुद्ध महादेव तक। इससे आवागमन सुगम होगा और जम्मू तक पहुंचना आसान हो जाएगा। दोनों ही टनल का निर्माण कार्य भाजपा के शासनकाल में शुरू हुआ है। भाजपा सांसद व केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह कहते हैं, डोडा के विकास के लिए प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। आने वाले दिनों में इसका असर देखने को मिलेगा। जम्मू तक पहुंचना आसान हो जाएगा। साथ ही किसी न किसी रूप में रोजगार व स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।