जम्मू सीमा पर ड्रोन रोधी प्रणाली तैनात किए जाने के बाद पाकिस्तान की ओर से ड्रोन गतिविधियां लगभग शून्य हो गई हैं, यह बात शुक्रवार को बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी देते हुए कही है। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जहां तक टेक्नोलॉजिकल अपग्रेडेशन का सवाल है, हमारी सेवा विरोधियों से काफी आगे है।
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने सीमा पर एंटी ड्रोन सिस्टम को काफी मजबूत कर लिया है। इससे सीमा पार से चलने वाली ड्रोन गतिविधियां कम हुई हैं। फ्रंटियर मुख्यालय जम्मू बीएसएफ के 60वें स्थापना दिवस पर पत्रकारों से बात करते हुए आईजी बीएसएफ डीके बूरा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग प्रभावी रूप से किया जा रहा है।
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आईजी ने सर्दियों की सुरक्षा व्यवस्था के तहत जम्मू फ्रंटियर में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की जानकारी दी। कहा कि तकनीकी निगरानी क्षमताओं का विस्तार किया जा रहा है। पूरा सीमा क्षेत्र जल्द ही भौतिक और तकनीकी दोनों तरह से निगरानी में होगा। बीएसएफ सीमाओं पर उच्च तकनीक वाले हथियारों और अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। यह भी कहा कि जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है, क्योंकि बल किसी भी अवैध सीमा पार, खासकर बांग्लादेशी नागरिकों को रोकने के लिए निरंतर निगरानी रख रहा है। बीएसएफ ने सीमा की अखंडता की रक्षा के लिए एक विशेष रणनीति लागू की है। सीमा सुरक्षा बल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर उच्च स्तर की सतर्कता और सुरक्षा बनाए रखता है।
इस वर्ष घुसपैठ के प्रयासों और बरामदगी पर आईजी ने कहा कि बीएसएफ पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा के लगभग 192 किलोमीटर की निगरानी करती है। नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना से सहयोग किया जा रहा है। ड्रोन गतिविधियों, तस्करी और बिना उकसावे के गोलीबारी सहित विभिन्न चुनौतियों के बावजूद बीएसएफ जम्मू ने सभी प्रतिकूल प्रयासों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया। इस वर्ष बीएसएफ ने दो पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार गिराया। दो अन्य को पकड़ा। लगभग 7.659 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए। आईजी ने बल की उल्लेखनीय वृद्धि की भी प्रशंसा की, जो 25 बटालियन से बढ़कर 193 हो गई है। उन्होंने शांति और संघर्ष दोनों के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में बीएसएफ की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया, जिससे वैश्विक सीमा रक्षा में एक दुर्जेय बल के रूप में इसकी स्थिति मजबूत हुई है।
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बीएसएफ वैश्विक नेता के रूप में विकसित
डीके बूरा ने कहा, पिछले छह दशकों में बीएसएफ सीमा सुरक्षा में एक वैश्विक नेता के रूप में विकसित हुआ है। हम अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम सहित आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह से सुसज्जित हैं। नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारतीय सेना के साथ हमारा समन्वय सुरक्षा उल्लंघनों, जैसे ड्रोन गिराए जाने को रोकने के लिए आवश्यक है। हमने हर सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित की है और जम्मू की सीमाओं की सुरक्षा के लिए हमारी प्रतिबद्धता दृढ़ है।