जम्मू-कश्मीर में परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर फोटो मतदाता सूचियों के विशेष सारांश संशोधन का कार्य रविवार 18 सितंबर से रफ्तार पकड़ेगा। रविवार को छुट्टी के चलते मुख्य चुनाव अधिकारी ने बूथ स्तर के अधिकारियों को डोर-टू-डोर अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। बूथ स्तर पर अधिकारी फार्म भरकर चुनाव कार्यालयों में जमा करवाएंगे।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रदेश भर में नायब तहसीलदार चुनाव स्तर और बूथ स्तर के अधिकारियों की ओर से मतदाताओं के पंजीकरण के लिए विभिन्न फार्मों के वितरण का काम पूरा कर लिया गया है। रविवार को अवकाश के चलते ज्यादातर लोग घरों में होते हैं। ऐसे में बूथ स्तर के अधिकारी डोर-टू-डोर अभियान तेज कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को फार्म वितरित करने के अलावा उन्हें भर सकते हैं।
जिला चुनाव अधिकारी जम्मू के कार्यालय में नायब तहसीलदार (चुनाव) नीकू राम के अनुसार मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय से समय-समय पर मिल रहे दिशा निर्देशों के तहत मतदाता सूचियों के विशेष सारांश संशोधन का कार्य आगे बढ़ रहा है।
जमीनी स्तर से जुड़े चुनाव अधिकारियों में बूथ स्तर के अफसरों को फार्मों का वितरण लगभग पूरा हो गया है। रविवार से घर-घर जाकर अभियान तेज किया जाएगा। इसके बाद मतदाताओं की सुविधा के लिए चुनाव विभाग 24, 25 सितंबर, एक व दो अक्तूबर, 15 और 16 अक्तूबर को प्रत्येक पोलिंग बूथ स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा। दस नवंबर तक दावों व आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा और 25 नवंबर 2022 को अंतिम मतदाता सूचियों का प्रकाशन होगा।
विस्थापितों के पंजीकरण के लिए बूथ स्तर के अधिकारियों को मिला प्रशिक्षण
मतदाता सूचियों के संशोधन कार्यक्रम में कश्मीरी विस्थापित मतदाताओं के शत-प्रतिशत पंजीकरण के लिए बूथ स्तर के अधिकारियों को मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय की तरफ से प्रशिक्षण दिया गया। संयुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी अनिल सलगोत्रा की देखरेख में प्रशिक्षण कार्यक्रम चला। बता दें कि चुनाव आयोग ने कश्मीरी विस्थापित मतदाताओं के पंजीकरण के लिए जम्मू, उधमपुर के अलावा दिल्ली में भी सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।