डीजीपी दिलबाग सिंह राजोरी दौरे के दौरान
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पाकिस्तान राजोरी, पुंछ समेत जम्मू-कश्मीर के अन्य हिस्सों में आतंकी भेजकर तंकवाद को जिंदा करने की साजिश में है लेकिन सुरक्षा बल और पुलिस उसकी हर कोशिश नाकाम कर रहे हैं। बुधवार को राजोरी पहुंचे डीजीपी जम्मू-कश्मीर पुलिस दिलबाग सिंह ने कहा कि पाक के नापाक मंसूबे सफल नहीं होने देंगे।
डीजीपी ने कहा कि दहशतगर्दी फैलाने के लिए पाकिस्तान हथियारों से लैस आतंकी गिरोह भेज रहा है। सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन लॉन्च कर कई आतंकियों का खात्मा किया है। जो भाग निकले हैं उनका भी जल्द सफाया कर देंगे। नारको टेररिज्म को बढ़ावा देने के लिए नशीली दवाओं की खेप भी भेज रहा है। लेकिन सुरक्षा बल और पुलिस हर कोशिश विफल कर रहे हैं। उन्होंने राजोरी व पुंछ में आतंकवादी विरोधी ऑपरेशन की सफलता के लिए पुलिस व सेना को बधाई दी। कहा कि कमजोर इलाकों में भी सुरक्षा ग्रिड मजबूत कर रहे हैं। विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) और आम लोगों की भी आतंकवाद को कुचलने में मदद मिल रही है।
ख्वास में मारा गया आतंकी काफी समय से राजोरी में था सक्रिय
डीजीपी ने कहा कि 5 अगस्त को राजोरी के गुंदा ख्वास के जंगलों में मारा गया आतंकी पाकिस्तान निवासी था। वह काफी समय से राजोेरी में सक्रिय था। संदेह है कि वह राजोरी में कई आतंकी घटनाओं में शामिल रहा होगा। आगे भी यहां खून-खराबा करने की ताक में था। उसका दूसरा साथी 10 दिन बाद रियासी और राजोेरी की सीमा पर मृत मिला था। यह आतंकिया का बड़ा गिरोेह था, जो दो-दो के ग्रुप में चल रहा था। इन्हीं के एक ग्रुप को तीन दिन पहले रियासी के तूली में घेरा था। एक आतंकी को ढेर कर दिया था, जबकि एक अंधेरे में फरार हो गया था। उसे भी पुलिस और सुरक्षा बल जल्द तलाश लेंगे।
राजोरी व पुंछ में सक्रिय थे 9 से 12 आतंकी
डीजीपी ने कहा कि सीमावर्ती जिले राजोेरी व पुंछ में 9 से 12 आतंकियों के सक्रिय होने का समाचार था। जिनमें से तीन को ढेर कर दिया है। बाकी का भी जल्द सफाया कर देंगे। कहा कि कुछ गद्दार पाकिस्तान में सेटल होकर जम्मू-कश्मीर में आतंक को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे लोगों का डाटा तैयार कर संपत्तियां जब्त की जा रही हैं। उनके मददगारों पर भी कार्रवाई हो रही है।