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प्रदेश में एक हजार एमबीबीएस सीटों का लक्ष्य : उप राज्यपाल

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जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्रणाली को लाया गया है। मेडिसिटी में 4200 करोड़ रुपये के निवेश से जम्मू-कश्मीर में बिस्तरों और एमबीबीएस सीटों की संख्या में वृद्धि होगी। प्रस्तावित अस्पताल, पैरा मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी से एक हजार एमबीबीएस सीटें जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रणालीगत सुधारों से गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य देखभाल और स्थिति संकेतकों और राष्ट्रीय रैंकिंग में स्पष्ट दिखाई दे रही है। नशीली दवाओं के दुरुपयोग की चुनौती से निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवा को मजबूत बनाया जा रहा है।
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एलजी ने कहा, सरकार स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा में निवेश को प्राथमिकता दे रही है, ताकि नागरिकों और युवाओं को बेहतर सेवा व करियर विकल्प मिले। स्वास्थ्य सेवा वितरण मॉडल में अभूतपूर्व सुधार लगाए गए हैं। लोगों की स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच को आसान बनाया गया है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और सेहत योजना में कुल पात्र 25.72 लाख परिवारों में से 80 प्रतिशत परिवारों को एनएफएसए डेटाबेस के अनुसार पंजीकृत किया गया है। इसमें कम से कम एक परिवार के सदस्य को योजना के तहत सत्यापित किया गया है। कुल 72.57 लाख लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड मिले हैं। कोविड महामारी के बाद एक स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान बढ़ाया गया है। शहर के अस्पतालों पर मरीज दबाव को कम किया गया है। विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के तहत जल्द जम्मू और कश्मीर संभाग में एम्स शुरू होंगे। 1595 करोड़ रुपये की लागत से सात नए मेडिकल कालेजों के साथ 60 करोड़ रुपये से चालू वित्तीय वर्ष में 15 नर्सिंग कालेजों का निर्माण किया जा रहा है।
जम्मू संभाग में 104 करोड़ और कश्मीर संभाग में 108 करोड़ रुपये की लागत से दो राज्य कैंसर संस्थान शुरू किए जा रहे हैं। 129.80 करोड़ रुपये की लागत से दोनों संभाग में हड्डी व जोड़ अस्पताल शुरू होंगे। 132.50 करोड़ रुपये से एलडी अस्पताल श्रीनगर शुरू किया जा रहा है। प्रधानमंत्री डेवेलपर्स पैकेज के तहत 881 करोड़ रुपये की लाग से 140 परियोजनाओं में से 112 को पूरा कर लिया गया है। इस साल 28 अन्य परियोजनाएं पूरी कर ली जाएंगी। 2022-23 में 1757 करोड़ रुपये की लागत से 220 स्वास्थ्य परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा। 2742 स्वास्थ्य व कल्याण केंद्रों में से 2018 को यूटी में शुरू कर दिया गया है और चालू वित्त में 636 शुरू करने का लक्ष्य है।
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तीन वर्ष में 60 हजार से अधिक
परियोजनाएं पूरी करने का दावा
जम्मू। एलजी प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर में बीते तीन साल में संस्थागत ढांचे की विकास योजनाओं के निष्पादन की गति में पांच गुना वृद्धि होने का दावा किया है। सरकार ने दलित, जनजातीय, सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के क्षेत्रों को विकसित किया है। इस अवधि में जम्मू-कश्मीर में 60 हजार से अधिक विकास परियोजनाएं पूरी की गई हैं। प्रदेश में व्यापार, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति के नए मुकाम हासिल किए गए हैं। विकास परियोजनाओं के लिए कैपेक्स बजट को चार गुना बढ़ाकर 22126 करोड़ रुपये किया गया है। पंचायतों, शहरी स्थानीय निकायों अन्य लोकतांत्रिक संस्थानों को आम नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए निर्णय लेने में सशक्त बनाया गया है। आधिकारिक आंकड़ों में 2019 से जनवरी 2022 तक जम्म-कश्मीर में 66724 विकास परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जबकि 2018-19 के दौरान 9229, 2019-20 में 12637 और 2021-21 में 21943 परियोजनाएं पूरी की गईं। वित्त वर्ष 2021 में 22975 कार्य पूरे किए गए। बीईएमएस जैसे परिवर्तनकारी सुधारों से कार्यान्वयन को ऑनलाइन बजटीय प्रक्रिया को सक्षम बनाया गया है। प्रशासन ने वास्तविक समय की निगरानी के लिए जेकेआईडीएफसी के तहत स्वीकृत परियोजना को गूगल अर्थ से जोड़ा है। ब्यूरो
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