अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की विशेष शाखा क्राइम ब्रांच के डीएसपी को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। शिकायत के अनुसार डीएसपी वरिंदर सिंह काटल ने पिता और पुत्र के बीच चल रहे संपत्ति विवाद की जांच बंद करने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शुक्रवार को जम्मू के बाहु प्लाजा के बाहर डीएसपी को एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर पकड़ लिया। वरिंदर सिंह मूल रूप से किश्तवाड़ और इस समय जम्मू के त्रिकुटा नगर में रहता है। वह पुलिस महकमे में बतौर सब इंस्पेक्टर भर्ती हुआ था।
सबसे पहली पोस्टिंग बतौर प्रोबेशनर सब इंस्पेक्टर आरएस पुरा हुई थी। इसके बाद वह जम्मू के दोमाना, बाड़ी ब्राह्णमा और किश्तवाड़ पुलिस स्टेशन में बतौर एसएचओ तैनात रहा। इस समय उसकी तैनाती एसएसपी क्राइम ब्रांच जम्मू के कार्यालय में बतौर डीएसपी है।
सूत्रों का कहना है कि एसीबी जम्मू के पास एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई। बताया कि उसके और उसके पिता के बीच संपत्ति का विवाद चल रहा है। यह मामला जम्मू क्राइम ब्रांच के पास है। जिसकी जांच डीएसपी वरिंदर सिंह काटल के पास है।
डीएसपी इस मामले की जांच को बंद करने के लिए उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। एसीबी ने टीम बनाई और डीएसपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
शुक्रवार शिकायतकर्ता ने डीएसपी को उक्त पैसा लेने के लिए बाहु प्लाजा बुलाया। जैसे ही डीएसपी अपनी कार में पहुंचा और पैसे लेने के लिए शिकायतकर्ता को बुलाया। तभी एसीबी की टीम ने मौके पर पहुंचकर डीएसपी को रिश्वत के पैसों के साथ पकड़ लिया।
एसीबी ने जो नोट शिकायतकर्ता को दिए थे, डीएसपी से वही नोट बरामद किए गए। गवाहों की मौजूदगी में इन पर डीएसपी की उंगलियों के निशान पाए गए। गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने आरोपी के त्रिकुटा नगर स्थित घर पर भी छापा मारकर कुछ सुबूत भी जुटाए हैं।