जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में मचे घमासान के बीच प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे अपने त्यागपत्र में मीर ने कहा है कि वह जो भी फैसला करेंगी वह मंजूर होगा। मीर पिछले सात साल से इस पद पर बने हुए थे। ऐसा माना जा रहा है कि प्रदेश में होने वाली विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी हाई कमान की ओर से किसी नए चेहरे को प्रदेश की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
नए चेहरे को प्रदेश की जिम्मेदारी दी जा सकती है
एक संभावना यह भी है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के खेमे के किसी चेहरे को भी मौका मिल सकता है। पार्टी के अंदर खाने में जिन नेताओं के नाम पर अटकलें लगाई जा रही हैं उनमें विकार रसूल, तारिक हमीद करा, पीरजादा मोहम्मद सईद व जीएम सरूरी शामिल हैं।
प्रदेश कांग्रेस में लंबे समय से हावी रही है गुटबाजी
जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) में लंबे समय से गुलाम नबी आजाद और जीए मीर समूह में गुटबाजी हावी रही है। आजाद गुट मीर को हटाने के लिए लगातार दबाव बनाता रहा है। पार्टी के मुख्य कार्यक्रमों से भी आजाद गुट के नेता दूरी बनाए रहे। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भी पार्टी नेतृत्व में बदलाव के संकेत मिले हैं। हालांकि हाल ही में आजाद पार्टी मुख्यालय के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां मीर और आजाद समर्थक एक साथ रहे थे।
मीर को बदलने के लिए आजाद गुट ने लिखे पत्र
मीर को बदलने के लिए आजाद गुट की ओर से कई बार पार्टी हाई कमान को पत्र लिखे गए। आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी हाई कमान आजाद की भूमिका को मौका दे सकती है। इसके लिए आजाद गुट से ही किसी करीबी के नाम पर मुहर लगाई जा सकती है। दिल्ली में स्थान न मिलने के बाद आजाद विधानसभा चुनावों में पार्टी को अधिक समय दे सकते हैं।
पार्टी में गुटबाजी का चुनावों के दौरान भी नुकसान
वहीं, मीर को वर्ष 2015 में जम्मू कश्मीर कांग्रेस प्रमुख के तौर पर नियुक्त किया गया था। लेकिन उनके कार्यकाल में विभिन्न चुनाव के दौरान पार्टी अपेक्षा के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई है। पार्टी में गुटबाजी का चुनावों के दौरान भी नुकसान हुआ। माना जा रहा है कि कांग्रेस आला कमान मतभेदों को दूर करने के लिए जम्मू कश्मीर नेतृत्व के संपर्क में है।
मीर ने कहा, पार्टी अध्यक्ष का फैसला मंजूर होगा
आजाद गुट के पास मीर को हटाने के लिए एक सूत्री एजेंडा था। वहीं, मीर ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से पेशकश की है कि अगर वह किसी और को अध्यक्ष बनाती हैं तो उन्हें यह फैसला मंजूर होगा। मैने पार्टी अध्यक्ष को जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) का अगला प्रमुख नियुक्त करने में सुविधा प्रदान करने के लिए अपना इस्तीफा दे दिया।