शहर में पिछले साल अक्तूबर में दिनदहाड़े मदीना कांप्लेक्स में छत्ताबल के नागरिक माजिद अहमद गोजरी की हत्या दुश्मनी में नहीं हुई थी, बल्कि द रजिस्टेंस फ्रंट के आतंकियों ने गोली मारकर जान ली थी। इसमें एक नाबालिग के खिलाफ बाल न्याय बोर्ड ने वीरवार को आरोप तय किए।
राज्य जांच एजेंसी की ओर से 23 जून को आरोप पत्र दाखिल किए गए थे। नाबालिग के साथ ही टीआरएफ के दो आतंकियों नवाकदल के शल्ला व रेडवानी कुलगाम के बासित रशीद डार को हत्या में शामिल पाया गया था।पुलिस ने बताया कि श्रीनगर पुलिस ने प्रारंभिक छानबीन की थी और 23 अक्तूबर को एसआईटी का गठन किया गया था।
डिप्टी एसपी के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने नाबालिग को गिरफ्तार किया था। डाउनटाउन के इलाके में गोजरी काफी मशहूर था। इस वजह से सोशल मीडिया पर यह घटना काफी चर्चित रही। यह अफवाह फैली कि माजिद की हत्या गैंगवार में हुई है। हालांकि, एसआईए की जांच में यह साफ हो गया कि हत्या टीआरएफ आतंकियों ने की थी।