-प्रदेश में तीस से अधिक किडनी मरीजों को अंगदान की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू कश्मीर में जागरूकता की कमी के कारण कैडवेरिक अंगदान को लेकर कोई सफलता मिलती नजर नहीं आ रही है। प्रदेश के मेडिकल कालेजों में रोजाना विभिन्न कारणों से ब्रेन डेड मरीजों के मामले पहुंचते हैं लेकिन अभी तक एक भी तीमारदार ने अपने ऐसे मरीज का अंगदान करने के लिए हिम्मत नहीं दिखाई है। किडनी क्षेत्र की बात करें तो जम्मू में 22 और कश्मीर में नौ मरीजों को कैडवेरिक किडनी की जरूरत है।
कैडवेरिक किडनी दान में ब्रेन डेड वाले मामलों में मरीज की किडनी सहित अन्य महत्वपूर्ण अंग उसके परिवारवालों की सहमति से जरूरतमंद मरीज को दी जाती है। जम्मू-कश्मीर में अब तक लाइव किडनी प्रत्यारोपण हो रहे हैं। इसमें खून के रिश्ते या करीबियों में अपनों को किडनी दान की जाती है। जम्मू-कश्मीर में रोजाना दर्जनों लोग सड़क हादसों और दूसरे कारणों से गंभीर अव्यवस्था में अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इनमें कई गंभीर मरीजों का ब्रेन डेड हो जाता है। मतलब शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंग चल रहे हैं, लेकिन दिमाग काम नहीं करता है जिससे उसके शरीर में कोई हरकत नहीं होती है और वह सांस लेकर भी लगभग मरा हुआ होता है। लेकिन ऐसे मरीज के अंग लेकर दूसरे जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दिया जा सकता है। वर्ष 2023 में जीएमसी के आईसीयू में 19 संदिग्ध ब्रेन डेड मरीजों की पहचान की गई। इनमें दो मरीजों को ब्रेन स्टेम डेथ डिक्लेरेशन कमेटी की ओर से ब्रेन डेड प्रमाणित किया गया, लेकिन किसी भी मामले में तीमारदार द्वारा अपने मरीज का अंग दान नहीं किया गया। इस साल जनवरी से अब तक भी कई ब्रेन डेड के मामले मिल चुके हैं। जम्मू कश्मीर में किडनी प्रत्यारोपण के लिए जीएमसी जम्मू 2022, जीएमसी श्रीनगर 2021 और स्किम सोरा श्रीनगर पंजीकृत हैं। भारत में पांच लाख मरीज अंग प्रत्यारोपण का इंतजार कर रहे हैं। देश में रोजाना लगभग 17 लोग अंग प्रत्यारोपण के अभाव में दम तोड़ रहे हैं।
कोट ...
जागरूकता को बढ़ावा देने का दावा
कैडवेरिक किडनी दान के लिए स्कूल, कालेज और अन्य संस्थानों में खासतौर पर युवाओं में जागरूकता को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए जम्मू में ग्रीन काॅरिडोर का ट्रायल भी किया गया था। इसके लिए डाक्टरों को भी जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे मरीजों को बेहतर ढंग से जागरूक करने के लिए प्रेरित कर सकें।
- डा. संजीव पुरी, संयुक्त निदेशक, स्टेट आर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (सोटो)