जम्मू-कश्मीर में बदलाव की बयार साफ देखी जा सकती है। प्रदेश में बीते पांच साल में 7.76 फीसदी लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। वर्ष 2015-16 में यहां 12.56 फीसदी लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे थे, जो साल 2019-21 में घटकर 4.80 रह गए हैं। हालांकि रामबन, रियासी और जम्मू जिले में गरीबों की संख्या में इजाफा हुआ है।
शहरों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में लोग ज्यादा जागरूक हुए हैं और उनके जीवन स्तर में सुधार आया है। लोगों में यह बदलाव बाल और किशोर की मृत्यु दर में कमी, बच्चों के स्कूल जाने और वहां रहकर पढ़ने के साथ बिजली व आवास मुहैया होने के चलते आया है। यह आंकड़े इस हफ्ते जारी नीति आयोग की रिपोर्ट 2023 के हैं। रिपोर्ट में गरीबी रेखा पर राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक एक प्रगति संबंधी समीक्षा जारी किया है। रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण इलाकों में साल 2015-16 में 16.32 प्रतिशत लोग गरीब थे।
वर्ष 2019-21 तक यह संख्या घटकर 6.10 रह गई। यानी बीते पांच साल में 10.22 फीसदी लोग गरीबी रेखा से बाहर आ गए। सरकार के कामकाज को लेकर यह बदलाव एक विकास के क्रांतिकारी परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि शहरी क्षेत्रों में करीब 2.50 फीसदी लोग ही गरीबी से बाहर आए हैं। रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। इसके बाद बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा फिर राजस्थान का नंबर आता है।
रिपोर्ट के मुताबिक सरकार की निगरानी से स्कूली वर्ष में इजाफा, स्वच्छता और रसोई गैस की उपलब्धता में सुधार के चलते गरीबी को घटाने में बड़ी मदद मिली है। एसडीजी से जुड़े 12 इंडीकेटर्स में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर राष्ट्रीय एमपीआई को मापा जाता है। इनमें पोषण, बाल और किशोर मृत्यु दर, मातृ स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा के वर्ष, स्कूल में उपस्थिति, रसोई गैस, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, आवास, परिसंपत्ति और बैंक खाते शामिल हैं।
स्वास्थ्य के प्रति बेपरवाह हुए लोग : परेशान करने बात यह है कि स्वास्थ्य को लेकर लोग बेपरवाह हो गए हैं। पोषण आहार लेने में प्रदेश के 3.17 फीसदी लोग लापरवाही बरतने लगे हैं। इसका असर आगामी दिनों में उनके स्वास्थ्य काे लेकर देखा भी जा सकता है। रिपोर्ट बताती है कि साल 2015-16 में यहां 29.11% लोग पोषण आहार लेते थे, जिनकी संख्या अब घटकर 25.94 फीसदी हो गई है।
पहले के मुकाबले कितना हुआ सुधार
जिले का साल साल
नाम 2015-16 2019-21
- रामबन 14.86% 35.36%
- रियासी 11.40% 21.92%
- किश्तवाड़ 10.59% 24.29%
- ऊधमपुर 10.23% 26.83%
- राजोरी 8.87 % 27.41%
- डोडा 7.71% 21.71%
- बारामुला 6.68% 7.06%
- पुंछ 6.65% 24.27%
- बांदीपोरा 5.36% 11.07%
- बडगाम 5.20% 6.84%
- कुपवाड़ा 4.97% 16.08%
- जिले का साल साल
- नाम 2015-16 2019-21
- कुलगाम 3.97% 7.43%
- गांदरबल 3.46% 7.82%
- अनंतनाग 3.07% 8.36%
- कठुआ 2.70% 13.08%
- सांबा 2.30% 9.67%
- फुलवामा 2.09% 3.79%
- सोपियां 1.54% 6.51%
- श्रीनगर 1.34% 1.51%
- जम्मू 0.49% 6.97%
जागरूक हुए लोग
नाम 2015-16 2019-21
- पोषण 29.11% 25.94
- किशोर मृत्युदर 1.28% 0.64%
- मातृ स्वास्थ्य 9.13% 8.48%
- स्कूली शिक्षा के वर्ष 13.45% 17.85%
- स्कूल उपस्थिति 7.55% 10.93%
- रसोई गैस 9.68% 9.28%
- स्वच्छता 9.07% 7.67%
- पेयजल 4.27% 4.88%
- बिजली 1.44% 0.48%
- आवास 8.05% 8.84%
- संपत्ति 5.75% 4.37%
- बैंक खाता 1.24% 0.65%