दोमाना स्थित झिड़ी मेले का सोमवार से आगाज हो गया। पहले ही दिन डेढ़ लाख अधिक श्रद्धालु पहुंचे। देर रात तक बाबा जित्तो और बुआ कोड़ी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर से लेकर सड़क तक करीब 500 मीटर की दूरी तक लोग खड़े थे। देर रात तक दूसरे राज्यों से श्रद्धालुओं का आना जारी रहा।
साथ ही मेले में लगे झूलों की सवारी के लिए भी भीड़ लगी रही। एक-एक घंटा अपनी बारी का इंतजार करने के बाद लोग झूलों में सवार हुए। मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा के दिन दो लाख से भी अधिक श्रद्धालुओं के मेले में आने का अनुमान लगाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से भी इसके लिए कड़े प्रबंध किए गए हैं।
मेले में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण सरकारी केंद्रीय संचार क्षेत्रीय कार्यालय जम्मू ने आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें कलाकारों ने डोगरी नुक्कड़ नाटक, नृत्य और संगीत से मन मोह लिया। अनार दाने कन्ने मार्चा पईया चार, चटनी टिंबरू दी, काला डोरेया कुंडे नाल अड़या ओ, आयूं गलानिया सच ओ माड़े बांकू देया चाचुआ... जैसे डोगरी गानों पर श्रद्धालु झूमते रहे।
साथ ही लेजर शो में जम्मू की संस्कृति और माता वैष्णो देवी पर आधारित कथा भी दिखाई गई। श्रद्धालुओं ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है कि मेले में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
दंगल भी हुआ, बड़ी माली बब्बा पहलवान ने जीती
झिड़ी मेले का संभागीय आयुक्त जम्मू रमेश कुमार और डीडीसी अध्यक्ष जम्मू भारत भूषण ने सोमवार को विधिवत उद्घाटन किया। इसके बाद विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। झिड़ी में दंगल भी आयोजित किया गया। इसमें बड़ी माली 10 हजार रुपए और दूसरी माली नौ हजार रुपए की करवाई गई।
बड़ी माली का मुकाबला भलवाल के बब्बा पहलवान और जम्मू के लियाकत पहलवान के बीच हुआ, जो बब्बा पहलवान ने जीता। दूसरी माली का मुकाबला भलवाल कंगड़ के कुलबीर पहलवान और उधमपुर के अजू पहलवान के बीच हुआ, जो कुलवीर पहलवान ने जीता। संभागीय आयुक्त ने कहा कि यहां आना हरिद्वार जाने से कम नहीं है। मेले में खिलौने और पकवानों की दुकानें सजी हैं। दुकानों में डोगरी के साथ पंजाबी पकवान श्रद्धालुओं को लुभा रहे हैं।